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Sunday, 23 August 2015

कोलंबो टेस्टः भारत को पांचवे दिन जीत के लिए लेने हैं 8 विकेट

दूसरे टेस्ट में सीरीज बराबर करने के मूड में भारत 
कोलंबोः अंजिक्य रहाणे के शतक और रविचंद्रन अश्विन की अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय पारी खेलने वाले कुमार संगकारा पर चली बादशाहत बरकरार रहने से भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में आज यहां शिकंजा मजबूत कस दिया। भारत ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 325 रन बनाकर समाप्त घोषित की और इस तरह से श्रीलंका के सामने 413 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। इसके जवाब में श्रीलंका ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट पर 72 रन बनाये हैं और उसे जीत के लिये अब भी 341 रन की दरकार है। अब भारत को जीत के लिए अंतिम दिन आठ विकेट चटकाने हैं। 


भारतीय पारी का आकर्षण तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे रहाणे का शतक रहा। उन्होंने 126 रन बनाये जो उनका चौथा टेस्ट शतक है। उन्होंने मुरली विजय (82) के साथ दूसरे विकेट के लिये 140 रन की महत्वपूर्ण साक्षेदारी करने के बाद रोहित शर्मा (34) के साथ चौथे विकेट के लिये 85 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।  जब श्रीलंकाई पारी शुरू हुई तो सभी की निगाह संगकारा पर टिकी थी। उन्हें जल्द ही अपनी आखिरी पारी खेलने के लिये क्रीज पर आना पड़ा लेकिन वह केवल 18 गेंद खेलकर पवेलियन लौट गये। इसके बाद सलामी बल्लेबाज दिमुथ करूणारत्ने (नाबाद 25) और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 23) ने टीम को आगे कोई झटका नहीं लगने दिया। अश्विन ने 27 रन देकर दो विकेट लिये हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पारी समाप्ति की घोषणा करने में देर लगायी। उन्होंने रिद्धिमान साहा को भी दोबारा बल्लेबाजी के लिये भेजा जो बीच में रिटायर्ड हो गये थे। साहा श्रीलंकाई पारी के दौरान मैदान पर नहीं उतरे और उनके स्थान पर के एल राहुल ने विकेटकीपिंग की।
श्रीलंका की तरफ से धम्मिका प्रसाद और तारिंदु कौशल ने चार-चार विकेट लिये लेकिन बायें हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ को कोई विकेट नहीं मिला। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज फिर से टीम को अच्छी शुरूआत देने में नाकाम रहे। अश्विन गेंदबाजी का आगाज करने के लिये आये और उन्होंने अपने दूसरे ओवर में नीची रहती फुलटास पर कौशल सिल्वा (1) को मिडविकेट पर खड़े स्टुअर्ट बिन्नी के हाथों कैच कराया। इसके बाद जब संगकारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आखिरी बार क्रीज पर उतरे तो श्रीलंका और भारत दोनों टीमों के खिलाडि़यों ने उन्हें गार्ड आफ आनर पेश किया।
बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने आते ही अश्विन की गेंद फ्लिक करके दो रन लेकर खाता खोला। इसके बाद तीन चौके भी लगाये लेकिन अश्विन इस महान बल्लेबाज पर किसी तरह का रहम दिखाने के मूड में नहीं थे। इस आफ स्पिनर की गेंद संगकारा के बल्ले का किनारा लेकर गली में खड़े विजय के हाथों में चली गयी। पी सारा ओवल में कुछ देर के लिये सन्नाटा पसरा लेकिन अगले ही पल सभी दर्शकों ने खड़े होकर संगकारा का अभिवादन किया और भारतीय खिलाडि़यों ने उनसे हाथ मिलाये। संगकारा अपनी आखिरी पारी में 18 रन बनाकर आउट हुए। अश्विन ने श्रंखला में लगातार चौथी बार उन्हें आउट किया।
इससे पहले भारत ने सुबह एक विकेट पर 70 रन से आगे खेलना शुरू किया। कल के दोनों अविजित बल्लेबाजों विजय और रहाणे ने अर्धशतक पूरे करने के बाद अधिक सहजता से बल्लेबाजी की जिससे भारत पहले सत्र में 109 रन जुटाने में सफल रहा। रहाणे ने शुरू से ही प्रवाहमय बल्लेबाजी की लेकिन विजय ने अपना 11वां अर्धशतक पूरा करने के बाद आक्रामक तेवर अपनाये। हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर वापसी करने वाले विजय ने दुशमंत चमीरा और कौशल पर छक्के लगाये। इसके तुरंत बाद हालांकि कौशल पर स्वीप शाट करने के प्रयास में वह पगबाधा आउट हो गये। इस सलामी बल्लेबाज ने 133 गेंदें खेली और चार चौके और दो छक्के लगाये। कौशल ने इसके बाद लंच से ठीक पहले कोहली को भी पगबाधा आउट करके भारत को दिन का दूसरा झटका दिया।
रहाणे ने अपने मजबूत रक्षण और धैर्य का शानदार नजारा पेश किया। उनके परंपरागत ड्राइव, पुल और हवा में खेले गये कुछ शाट दर्शनीय थे जिनके दम पर उन्होंने विदेशी सरजमीं पर अपना चौथा शतक पूरा किया। दूसरी तरफ रोहित को शुरू में क्रीज पर पांव जमाने में समय लगा। लंच के बाद पहले घंटे के खेल में 42 रन बने। रहाणे और रोहित दोनों ने बाद में आक्रामक तेवर दिखाने शुरू किये जिससे रन गति बढ़ी। रोहित ने 75वें ओवर में कौशल की गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाने के प्रयास में डीप मिडविकेट पर कैच थमाया। इस आफ स्पिनर ने इसके दो ओवर बाद रहाणे को भी विकेट के पीछे कैच कराया। रहाणे ने अपनी पारी में 243 गेंदे खेली और दस चौके लगाये। 
साहा को हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण क्रीज छोड़नी पड़ी लेकिन बिन्नी (17) लगातार दूसरी पारी में छठे स्थान पर कामयाब नहीं रहे। वह चाय के विश्राम के तुरंत बाद पवेलियन लौट गये। कोहली पारी समाप्ति की घोषणा में देर कर रहे थे और धम्मिका प्रसाद ने इसका फायदा उठाकर अपने गेंदबाजी विश्लेषण में सुधार किया। उन्होंने बिन्नी को आउट करने के बाद अश्विन (19) और मिश्रा (10) को भी पवेलियन भेजा। साहा फिर से क्रीज पर उतरे और जब कोहली ने पारी समाप्ति की घोषणा की तब वह 13 रन पर खेल रहे थे।

अपनी अंतिम पारी खेलकर लौटते संगकारा।