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Friday, 25 December 2015

रेडियो एसडी पर जनता के सवालों से जूझे चेयरमैन पंकज अग्रवाल

कहा- चार दिन की छुट्टी तो महीने में हर किसी का हक
शहर की शक्ल सुधारने में मांगा लोगों से सहयोग
शहर में ई-रिक्शाओं पर लगेगी लगाम, तय होंगे सबके रूट
मुजफ्फरनगरः अपने कैरियर के शुरूआती दौर में आलोचनाओं का शिकार होने वाले चेयरमैन पंकज अग्रवाल अब एक विकास पुरुष की इमेज बना रहे हैं। शहर में तमाम ऐसी सड़कें नगर पालिका ने बनवाई हैं जो कभी नहीं बनी। कहने के लिए पूर्व चेयरमैन कपिल देव अग्रवाल ये दावा करते रहे कि उनके समय में सबसे ज्यादा काम हुआ लेकिन शहर ने जो शक्ल पिछले दो साल में लेनी शुरू की है वो कमाल की है। शहर की चौड़ी गली जो बरसों से नहीं बनी थी अब शहर की सबसे शानदार सड़क बन गई है। हालांकि अभी काफी काम बाकी है लेकिन राजनीतिक हलकों में पंकज अग्रवाल को गंभीरता से लिया जाने लगा है। 
शनिवार की सुबह पंकज अग्रवाल जिले के पहले रेडियो एफएम चैनल ‘90.8 रेडियो एसडी’ पर लाइव थे लोगों को सवालों के जवाब देने के लिए। उन्होंने न केवल शानदार तरीके से सवालों के जवाब दिए बल्कि अपनी भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया। पंकज अग्रवाल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि शहर में बढ़ती ई-रिक्शाओं की भीड़ को काबू में लाने के लिए जल्द ही एक प्लान बनाया जा रहा है। इसके तहत प्रशासन से सहयोग लेकर ये तय किया जाएगा कि इनका रजिस्ट्रेशन आदि कैसे कराया जाए। इसके अलावा ये भी तय किया जाएगा कि ये लोग किस रूट पर चलेंगे। पूरे शहर में भीड बढ़ाने के बजाए ये तय किया जाएगा कि ये लोग निर्धारित रूट पर चलें जिससे लोगों को परेशानी न हो।
पंकज अग्रवाल ने कहा कि शहर में लगने वाले होर्डिंग्स राजनीतिक दबाव की वजह से हटवा पाना मुश्किल होता है लेकिन फिर भी वे योजना बना रहे हैं कि ये सब निर्धारित स्थानों पर ही लगें और किसी प्रकार दिक्कत पैदा न करें। शुरू से ही एक सवाल पंकज अग्रवाल के बारे में उठता रहा है कि वे विदेश बहुत जाते हैं और शहर में कम रहते हैं। इस सवाल को पूछा गया तो पंकज ने जवाब हंसकर दिया। पंकज ने कहा कि मैं एक कारोबरी भी हूं और सामाजिक व्यक्ति भी हूं। अक्सर मुझे पेपर इंडस्ट्री की मीटिंग आदि के लिए विदेश जाना होता है। मैं प्रदूषण खत्म करने वाली तकनीकों के बारे में भी बहुत सोचता हूं और उन्हें लागू करता हूं। ऐसे में विदेश जाना होता है। इसके अलावा कुछ संस्थान मुझे लेक्चर आदि के लिए बुलाते हैं तो वहां भी जाता हूं। पंकज ने बताया कि वे कभी भी महीने में चार दिन से ज्यादा बाहर नहीं रहते और चार दिन की छुट्टी को सभी लोग महीने में चाहते ही हैं।
पंकज अग्रवाल ने जनकपुरी, रामपुरी आदि की सड़कों के बारे में भी जवाब दिए और नागरिकों को संतुष्ट किया। पंकज ने शहर के लोगों से अपील की कि वे साफ-सफाई में सहयोग करें और कोई भी समस्या हो तो सीधे उन्हें लिखे।