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Thursday, 31 December 2015

FULL REPORT: मोदी ने किया दिल्ली-मेरठ 14 लेन एक्सप्रेस हाईवे का शिलान्यास

कांग्रेस पर निशाना- 60 साल सत्ता का सुख भोगा अब देश के विकास में नहीं कर रही सहयोग 

नोएडा: संसद में कामकाज बाधित होने के संदर्भ में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इस विपक्षी दल से नये वर्ष में यह संकल्प लेने को कहा कि वह देश के विकास की खातिर संसद में कामकाज चलने देगी । प्रधानमंत्री ने कहा कि छह दशक तक सत्ता का सुख भोगने के बाद उसे राजनीतिक कारणों से संसद में कामकाज नहीं होने देने और देश के विकास को रोकने का कोई अधिकार नहीं है।
मोदी ने कहा, कल एक जनवरी है । जब आप नववर्ष मनाने जा रहे हैं, आपको संसद को चलने देने और कामकाज होने देने और देश के विकास के मार्ग में कोई बाधा खड़ी नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए । प्रधानमंत्री दिल्ली और मेरठ को जोडऩे वाले 14 लेन के एक्सप्रेस हाइवे के शिलान्यास समारोह के दौरान एक रैली को संबोधित कर रहे थे । 



कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, यह भारत का दुर्भाग्य है कि संसद में जो कानून बनाने का स्थान है, वहां कामकाज नहीं होने दिया जा रहा है। जिन लोगों को जनता ने खारिज कर दिया है, वे कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। मोदी ने कहा, वे संसद को चलने नहीं दे रहे हैं। मैं इन राजनीतिक दलों से कहूंगा कि वे ऐसा न करें । चूंकि मुझे लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला, इसलिए मैं जनसभा में अपनी बात रख रहा हूं । जनता ने हमें संसद में चर्चा, बहस और निर्णय करने के लिए भेजा है।



 प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में कामकाज सुचारू रूप से होना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कांग्रेस की अधिक है क्योंकि उन्होंने छह दशक से अधिक समय तक सत्ता का सुख भोगा है। उन्होंने कहा, यह हमारी जिम्मेदारी है कि लोगों ने जो काम हमें सौंपा है, उसे पूरा किया जाए । यह जिम्मेदारी उन लोगों की अधिक है जिन्होंने 60 वर्षो तक देश पर शासन किया । वे जानते हैं कि संसद की जिम्मेदारी क्या होती है। मोदी ने कहा, यह विशेष तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके राजनीतिक कारणों से देश का विकास अवरूद्ध न हो । उनकी अधिक जिम्मेदारी है क्योंकि जनता ने उन्हें छह दशक तक देश को चलाने का अवसर दिया । उन्होंने कहा, मैं उन लोगों की नाराजगी को समझ सकता हूं जिन्हें देश चलाने का मौका नहीं मिला । लेकिन जिन्होंने 60 वर्षो तक सभी तरह का सत्ता का सुख भोगा, उन्हें संसद को बाधित करने और कामकाज नहीं होने देने का कोई अधिकार नहीं है।


 प्रधानमंत्री की ओर से संसद में कामकाज नहीं होने के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना ऐसे समय में साधा गया है जब हाल में संपन्न संसद के शीतकालीन सत्र में जीएसटी समेत कुछ महत्वपूर्ण सरकारी विधेयक विपक्षी पार्टी के साथ गतिरोध के कारण पारित नहीं हो सके। 

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि उनकी सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए कर्मचारियों की भर्ती में साक्षात्कार को समाप्त करने का निर्णय किया है और अब नियुक्ति केवल मेरिट के आधार पर होगी । उन्होंने कहा कि सरकार इसे नववर्ष के तोहफे के तौर पर एक जनवरी से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों से भी ऐसा ही करने का आग्रह किया । मोदी ने कहा कि यह गरीबों को अवसर प्रदान करने का एक प्रयास है जिसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के एक सांसद ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में साक्षात्कार समाप्त करने का आग्रह किया है ताकि युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी मिल सके । 

एक्सप्रेस वे परियोजना को विकास का हाइवे करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे से लगे कई क्षेत्रों में सप्ताहांत पर्यटन को बढ़ावा देगा और साथ ही कई सेटेलाइट शहरों के विकास को प्रोत्साहित करेगा । मोदी ने कहा, हम केवल सड़कों का ही निर्माण नहीं कर रहे हैं बल्कि यह विकास का हाइवे है। उन्होंने राष्ट्र को सड़कों से जोडऩे के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दृष्टि को याद किया । उन्होंने कहा,' वाजपेयीजी ने स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना के जरिये भारत को जोडऩे की दिशा में काम किया । ग्रामीण भारत को जोडऩे के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना पेश की । रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने बेहतर सड़क सम्पर्क और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप आधारभूत संरचना के विकास की जरूरत पर जोर दिया । उन्होंने प्रस्तावित एक्सप्रेस वे की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दिल्ली से मेरठ की दूरी 45 मिनट में तय हो सकेगी । उन्होंने कहा कि इस हाइवे परियोजना पर 7500 करोड़ रूपये की लागत आयेगी और इससे प्रदूषण मुक्त भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया जा सकेगा । 
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह तय है कि आने वाले दिनों में स्पीड तेज होने वाली है तब आधारभूत संरचना का विकास भी इसी तर्ज पर होना चाहिए । मेरी सरकार संकट को अवसर में परिवर्तित करने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि तीन दशक पहले गांव में लोग साधारण सड़कों से ही संतुष्ट थे लेकिन अब वे समझने लगे हैं कि अगर वे विकास चाहते हैं तब त्वरित एक्सप्रेस वे को गांव से जोड़ा जाना जरूरी है। हाइवे परियोजना को पश्चिमी उत्तरप्रदेश के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज एक्सप्रेस हाइवे पूर्वी..पश्चिमी..उत्तरी..दक्षिणी क्षेत्रों को जोडऩे का काम करेगा और भारत को विकसित देशों के समकक्ष लायेगा। मोदी ने कहा कि एक्सप्रेस वे से देहरादून को लाभ होगा क्योंकि एनएच 24 बिना किसी रूकावट के त्वरित कनेक्टिविटी से जुड़ जायेगा । सरकार हरिद्वार, रिषीकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री को मजबूत सड़कों से जोड़ेगी । 

पश्चिमी उत्तरप्रदेश के इस शहर से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ की 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के कई परिवार अब सप्ताहांत बाहर निकलते हैं। दिल्ली और इसके आसपास अच्छी सड़कों का नेटवर्क इनके लिए फायदेमंद रहेगा और क्षेत्र में पर्यटन एवं रोजगार को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नदियों को जोडऩे की दिशा में काम कर रही है जिससे किसानों को सूखे के दौरान मदद मिलेगी और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में गन्ना किसानों को लाभ होगा ।