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Tuesday, 9 June 2015

एनसीआर का दायरा बढ़ा, यूपी के मुजफ्फरनगर और हरियाणा के जींद व करनाल भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दायरा और बढ़ गया और इसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले और हरियाणा के जींद और करनाल जिलों को शामिल करने को मंजूरी मिल गई। शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज यहां राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद तीन जिलों को एनसीआर में शामिल करने के निर्णय की घोषणा की। बता दें इस बारे में सबसे पहले हमने ही आपको ये न्यूज दी थी।


    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली और राजस्थान सरकार के मंत्री तथा उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में मौजूद थे। नायडू ने कहा कि एनसीआर में और अधिक क्षेत्रों को शामिल करने की मांगों को देखने के लिए एक समिति नियुक्त की गई है। उन्होंने कहा कि एक समिति नियुक्त की गई है जो एनसीआर में शामिल किए जाने वाले क्षेत्रों से संबंधित पहलुओं को देखेगी।
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र को शामिल करने से पहले संबंधित राज्य सरकार का मत भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि मथुरा को एनसीआर में शामिल करने का अभिवेदन आया था जो अब समिति और उत्तर प्रदेश सरकार को भी भेज दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि हालांकि जींद और करनाल को शामिल करने का फैसला पूर्व में कर लिया गया था, लेकिन इसे रोक कर रखा गया क्योंकि ऐसी सोच थी कि नए जिलों को एनसीआर में तब तक शामिल नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि उनकी इंफ्रास्ट्रक्चर एक निश्चित स्तर तक नहीं पहुंच जाए।
अरावली में गुडग़ांव-फरीदाबाद राजमार्ग से लगते वन क्षेत्र मांगर बानी से जुड़े एक और महत्वपूर्ण मुद्दे का हवाला देते हुए नायडू ने कहा कि सरकार ने इसके इर्द-गिर्द 500-मीटर का बफर जोन निर्धारित करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि सभी एनसीआर राज्यों से तेजी से विशेष संरक्षण जोन नियत करने को कहा गया था। हालांकि उसमें कुछ व्यावहारिक समस्या थी क्योंकि पुराने रिकॉर्डों की कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जमीन पर वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शातीं।
    नायडू ने कहा कि हमने कहा है कि प्रत्येक राज्य को जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की मदद से सर्वेक्षण कराना चाहिए।    उन्होंने कहा कि जहां रिकॉर्ड वनाच्छादित क्षेत्र दर्शाते हैं, वहां हो सकता है कि इमारतें बन गई हों। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड दिल्ली का 20 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित दिखा सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि यह हकीकत में न हो और इसका प्रमाणीकरण करना चाहिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि जींद और करनाल को एनसीआर में शामिल किए जाने से राज्य का 57 प्रतिशत क्षेत्र एनसीआर का हिस्सा बन गया है। मांगर वन के सवाल पर खट्टर ने कहा कि इसका संरक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। नायडू ने दूसरी तरफ यह भी कहा कि बैठक में वन की परिभाषा पर भी चर्चा हुई और केंद्रीय पर्यावरण एवं वन सचिव से इस संबंध में अटॉर्नी जनरल की राय जानने को कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह परामर्श भी आया कि दिल्ली-अलवर आरआरटीएस को सोटा नाला तक ले जाया जाए जो एक औद्योगिक क्षेत्र है।