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Sunday, 28 February 2016

बोर्ड का एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए मोदी का ये खास संदेश

मन की बात में पीएम ने किया छात्रों का उत्साहवर्धन
नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बार मन की बात बोर्ड की परीक्षा में बैठने जा रहे लाखों छात्रों के नाम समर्पित की। एक मोटिवेशन गुरु की तरह एक नया प्रयोग करते हुए मोदी ने न केवल अपने मन की बात कही बल्कि कई नामचीन हस्तियों के संदेश इसमें शामिल कर छात्रों को उत्साहित करने का कोशिश की। इस वजह से इस बार की मन की बात विशिष्ट बन गई। मन की बात की शुरूआत मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से हुई और उन्होंने छात्रों को टिप्स दिए। 

मोदी ने मन की बात इस बार पूरी तरह से विद्यार्थियों को समर्पित रखी। मोदी ने खुद अपने संस्मरण सुनाते हुए कुछ मजेदार बातें कही। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए परीक्षा के समय में पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। फिर उन्होंने मजाक भी किया कि कहीं सोते ही मत रह जाना और मम्मी नाराज हो तो तुम कह दो कि मोदी जी ने ऐसा करने को कहा था। मोदी बात भी कहते रहे और बीच-बीच में खास लोगों के संदेश भी छात्रों को सुनवाते रहे। सचिन तेंदुलकर के बाद मोदी ने शतरंज के गैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद, आध्यात्मिक गुरू मोरारी बापू, प्रसिद्ध वैज्ञानिक भारत रत्न सी एन आर राव का संदेश भी छात्रों के लिए सुनवाया। सभी के संदेश सुनवाने के बाद मोदी ने इन महान हस्तियों के मैसेज पर अपनी टिप्पणी भी की। सी एन आर राव के संदेश के बाद तो मोदी ने ये भी कहा कि देखिये एक वैज्ञानिक ने अपनी बात कितनी आसानी से चंद पंक्तियों में कह दी जबकि वे खुद इतनी देर से ये बात नहीं समझा पा रहे हैं।
छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुशासन सफलता को मजबूत बनाने की आधारशिला है इसलिए छात्रों को दूसरों से स्पर्धा करने की बजाय खुद से स्पर्धा करनी चाहिए और आशाओं के बोझ के नीचे दबने की बजाए अपना लक्ष्य खुद निर्धारित करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बात सही है। प्रतिस्पर्धा क्यों? अनुस्पर्धा क्यों नहीं। हम दूसरों से स्पर्धा करने में अपना समय क्यों बर्बाद करें। हम खुद से ही स्पर्धा क्यों न करें। हम अपने ही पहले के सारे रिकॉर्ड क्यों न तोड़ें । आप देखिये, आपको आगे बढऩे से कोई रोक नहीं पायेगा और अपने ही पिछले रिकॉर्ड को जब तोड़ोगे, तब आपको खुशी के लिए, संतोष के लिए किसी और से अपेक्षा भी नहीं रहेगी। एक भीतर से संतोष प्रकट होगा। उन्होंने नरेन्द्र मोदी एप पर कुछ छात्रों द्वारा भेजे गए संदेश भी पढ़कर सुनाए। प्रधानमंत्री ने रविवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता सी वी रमण को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

तनावमुक्त होकर पॉजिटिव रहें: सचिन
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने संदेश में कहा कि मुझे पता है कि परीक्षा कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली हैं। आप में से कई लोग तनाव में भी रहेंगे। मेरा एक ही संदेश है आपको कि आप खुद अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित कीजियेगा, किसी और की उम्मीदों के दबाव में मत आइयेगा। आप मेहनत जरूर कीजियेगा, मगर वास्तविक, हासिल करने योग्य लक्ष्य खुद के लिए तय कीजिये और वह लक्ष्य हासिल करने के लिए कोशिश कीजिए। विश्वनाथ आनंद ने कहा कि परीक्षा से पहले आप अच्छी तरह से आराम करें, रात को अच्छी नींद लें, पेट भर खाना खाएं और शांत चित से परीक्षा दें। शतरंज में भी यही बातें लागू होती हैं।

चिंता ने करें अपना बेस्ट दें: राव
प्रसिद्ध वैज्ञानिक सी एन आर राव ने कहा कि चिंता न करें, अपना सर्वश्रेष्ठ दें। परीक्षा के दौरान तनाव की बात को समझ सकता हूं। इस बात को याद रखें कि देश में काफी अवसर हैं। आप तय करें कि आप जीवन में क्या करना चाहते हैं। निराश न हो, आप सफल होंगे, आप यह न भूलें कि आप इस ब्रह्मांड के बच्चे हैं, जैसे पेड़ पौधे, पर्वत आदि हैं। आप प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करें, इन्हीं गुणों के आधार पर आप सफल होंगे। मोरारी बापू ने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा के समय कोई बोझ न रखें , चित्त शांत रखें, खुश रहें,सफलता मिलेगी।