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Thursday, 24 May 2018

योगी की कैराना में रैली, पूरी कवरेज- वीडियो सहित

हमारा नारा सबकी सुरक्षा, सबका विकास का है, किसी के तुष्टीकरण का नहीं :योगी 
शामली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि हमारी सरकार का नारा 'सबकी सुरक्षा, सबका विकास' का है लेकिन किसी का तुष्टीकरण करना नहीं है। योगी ने कैराना लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा नारा- सबकी सुरक्षा, सबका विकास है, लेकिन किसी का तुष्टीकरण करना नहीं है। उन्होंने पिछले एक साल में प्रदेश में अपराध में कमी आने का दावा करते हुए कहा कि इससे पहले 10-12 साल में राज्य में अपहरण, गुंडागर्दी, पलायन तथा संगठित अपराध एक उद्योग का रूप धारण कर चुका था। हमने उसकी कमर तोड़कर प्रदेशवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।  उन्होंने मृगांका के पिता और दिवंगत पूर्व सांसद हुकुम सिंह द्वारा समय-समय पर उठाये गये पलायन के मुद्दे का जिक्र किया और कहा कि अब कैराना से गुंडों और अपराधियों का पलायन हो रहा है।


योगी ने कहा, ''अब दोबारा इस क्षेत्र में गुंडागर्दी को सिर नहीं उठाने दिया जाएगा, चाहे कैराना और कांधला के बीच पीएसी का शिविर ही स्थापित क्यों न करना पड़े।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों समेत सभी वर्गों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। कैराना में भाजपा प्रत्याशी मृगांका का मुकाबला रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन से है जो सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद की संयुक्त उम्मीदवार हैं। इस गठजोड़ का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे, विकास विरोधी नेता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ एक मंच पर आ गये हैं।
योगी के संबोधन का वीडियो यहां देखें---

Tuesday, 8 May 2018

Kairana Bypoll : भाजपा ने मृगांका पर ही खेला दांव

नई दिल्लीः यूपी की प्रतिष्ठित कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए भाजपा ने मृगांका सिंह को ही अपनी प्रत्याशी बनाया है। हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है और मृगांका उनकी बेटी हैं। मृगांका ने 2014 में कैराना विधानसभा सीट से भी किस्मत आजमाई थी लेकिन सपा के नाहिद हसन से हार गई थी। उस समय हुकुम सिंह जीवित थे और उन्होंने अपने जीते जी बेटी को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश की थी लेकिन उनका सपना पूरा नहीं हो सका। उनके भतीजे अनिल ने रालोद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और इतनी वोट काट दी थी कि मृगांका चुनाव हार सकें। वही हुआ था। हुकुम सिंह की तीन बेटियां हैं, दो विदेश में रहती हैं और मृगांका गाजियाबाद में। मृगांका सिंह स्कूल चलाती हैं और हुकुम सिंह की विरासत की कमान कायदे से उन्हीं के हाथ में है। मृगांका का मुकाबला सपा, बसपा व रालोद की संयुक्त प्रत्याशी बेगम तबस्सुम हसन से हो रहा है जो कैराना से 2009 में सांसद रह चुकी हैं। ये मुकाबला इस समय देश में कर्नाटक विस चुनाव के बाद सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई बन गया है। योगी सरकार इसे हर हालत में जीतना चाहेगी क्योंकि 2019 के आम चुनाव से पहले यह भाजपा के लिए बहुत ही अहम मुकाबला है। योगी भी गोरखपुर व फूलपुर की हार का हिसाब चुकाना चाहेंगे।