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Tuesday, 24 July 2018

बोले संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर से लाहौर हाईकोर्ट नजदीक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट दूर

मुजफ्फरनगर सांसद ने लोकसभा में उठाया वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच का मुद्दा 
नई दिल्ली/मुजफ्फरनगरः पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं मुजफ्फरनगर के भाजपा सांसद डॉ. संजीव बालियान ने संसद में वेस्ट यूपी में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के मुद्दे को पहली बार व प्रभावशाली तरीके से उठाया है। हालांकि केंद्र व यूपी में भाजपा की सरकार होने के बाद भी यह मामला कैसे नहीं निपट रहा है इसका जवाब भी संजीव बालियान के पास होना चाहिए लेकिन लगता है कि चुनावी साल होने के कारण संजीव बालियान को यह मुद्दा अहम लगा। हालांकि हरित प्रदेश के मुद्दे पर वे हमेशा चुप ही रहे हैं। सोमवार को लोकसभा में उन्होंने कहा कि लगातार आंदोलनों के बावजूद इलाहाबाद हाई कोर्ट बेंच की मांग पूरी नहीं हो पाई है। इलाहाबाद के दस हजार वकीलों के लिए पश्चिम यूपी के आठ करोड़ लोगों का गला कैसे घोंटा जा सकता है? लोकसभा में यह मसला उठाकर संजीव बालियान पूरी तरह से छा गए। उन्हें स्थानीय मीडिया ने शानदार कवरेज दी है। सभी अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है। अमर उजाला ने तो इसे पहले पेज पर स्थान दिया। हिंदुस्तान व दैनिक जागरण ने इसे पेज नंबर तीन पर छापा।
संजीव बालियान का दूरदर्शन को दिया यह इंटरव्यू जरूर देखें-

डॉ संजीव बालियान ने हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी यहां मौजूद है। उनकी उपस्थिति में केंद्र सरकार के समक्ष वर्षों से लंबित यह मुद्दा रख रहा हूं। उन्होंने कहा कि यूपी की 22 करोड़ आबादी है, जिसमें पश्चिम के 22 जिलों में लगभग आठ करोड़ की जनसंख्या हैं जो न्याय समय पर नहीं मिलने का दर्द झेल रही हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में करीब 15 लाख मुकदमें पेंडिंग हैं, जिनमें से लगभग 52 प्रतिशत यानि साढ़े सात लाख मुकदमें वेस्ट यूपी से जुड़े हैं। 


बालियान ने कहा कि वेस्ट यूपी से इलाहाबाद की दूरी 750 किलोमीटर है। मेरे लोकसभा क्षेत्र मुजफ्फरनगर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के हाई कोर्ट के नजदीक है। उनके जिले से लाहौर उच्च न्यायालय की दूरी 500 किलोमीटर तक है। इलाहाबाद से नजदीक तो लाहौर हाई कोर्ट है। महाराष्ट्र की जनसंख्या आठ करोड़ है, वहां तीन बेंच और एक हाई कोर्ट है। मध्य प्रदेश में सात करोड़ की आबादी है, जहां एक हाई कोर्ट और दो बेंच है। कर्नाटक में छह करोड़ की आबादी पर तीन बेंच और एक हाई कोर्ट है। उत्तर प्रदेश में 22 करोड़ की जनसंख्या है, जहां एक हाई कोर्ट और केवल एक बेंच है। वह बेंच भी लखनऊ में है। इलाहाबाद से लखनऊ की दूरी केवल 200 किलोमीटर है, जबकि वेस्ट यूपी की दूरी 750 किलोमीटर है।


 उन्होंने कहा कि वर्षो से हाई कोर्ट बेंच की मांग उठाई जा रही है, लेकिन यह मांग कभी पूरी नहीं होती। जनता का विश्वास जब लोकतंत्र से उठ जाता है, तभी आंदोलन होते हैं। बार-बार वेस्ट यूपी की जनता को फुटबॉल की तरह उलझाया जा रहा है। केंद्र से लेकर यूपी तक कोई भी पहल इस दिशा में नहीं हुई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मात्र 10 हजार वकीलों के लिए वेस्ट यूपी की आठ करोड़ जनता का गला घोंटा जा सकता है? बीजेपी सांसद डॉ बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार हाई कोर्ट बेंच बनाने के महत्वपूर्ण पक्ष पर ध्यान दे।

बालियान गरजे संसद मेंः (मीडिया कवरेज)






Monday, 9 July 2018

संजीव बालियान ने बेइज्जत किया भाजपा नेता को, भारी विरोध

मुजफ्फरनगरः पूर्व केद्रीय मंत्री व मुजफ्फरनगर सांसद संजीव बालियान फिर से विवाद में घिर गए हैं। एक बैठक में उन्होंने भाजपा नेता विपुल त्यागी को खुलेआम यह कह दिया- 'नीचे बैठ जा, आवाज नीची कर यहां संजीव बालियान बैठा है।' इसका वीडिया सोशल मीडिया पर जबर्दस्त रूप से वायरल हो गया है और खासतौर से त्यागी समाज में इसके प्रति गहरा रोष है। सहारनपुर रोड पर टोल के मुद्दे पर हो रही बैठक में विपुल ने टोल पर ज्यादा वसूली की बात उठाई थी तो संजीव बालियान ने उन्हें चुप होकर बैठने को कहा था। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और पार्टी के शीर्ष नेताओं तक यह बात पहुंचाई गई है। यह पहला मौका नहीं है जब बालियान के खराब व्यवहार की बात सामने आई है। वे कार्यकर्ताओं के अलावा अपने बिजनेस पार्टनरों से भी इसी प्रकार बोलते हैं और यह बात कई बार जग जाहिर हो चुकी है।

संजीव बालियान को सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है इस घटना के लिए। खासतौर से त्यागी समाज में उनके खिलाफ रोष है।


संजीव बालियान से जुड़ी विवादित खबरें यहां पढ़ें-

1. संजीव बालियान की 10 बड़ी गलतियां।

2. क्यों बाहर कर दिए गए थे केबिनेट से बालियान

Thursday, 31 May 2018

कैराना उपचुनावः भाजपा की हार के जिम्मेदार ये 3 नेता

नई दिल्ली/शामलीः कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा की करारी हार के साथ ही पार्टी में यह मंथन शुरू हो गया है कि इस हार का कारण क्या रहा ? भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष तो है ही साथ ही अपने लोकल बड़े नेताओं के प्रति नाराजगी भी है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुजफ्फरनगर के भाजपा सांसद डॉ. संजीव बालियान, यूपी के गन्ना मंत्री सुरेश राणा (जो थानाभवन से विधायक हैं और थानाभवन विधानसभा सीट कैराना लोकसभा सीट का ही हिस्सा है) और सहारनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता व यूपी सरकार में आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी का इस हार में बड़ा योगदान है। सैनी नकुड़ विधानसभा सीट से विधायक हैं और यह भी कैराना का ही हिस्सा है। वे लगातार तीसरी बार विधायक हैं। बसपा सरकार में भी वे मंत्री थे और उन्होंने 2017 के चुनाव के समय ही भाजपा ज्वाइन की थी। इन तीनों नेताओं पर ही पार्टी ने सबसे ज्यादा भरोसा किया हुआ था और ये भाजपा को अपने बल पर वोट दिलाने में विफल रहे।

कैराना का परिणामः
तबस्सुम बेगम (रालोद) 421145 मत

मृगांका सिंह (भाजपा) 371691 मत

अंतर- 49545

संजीव बालियान- पहले से ही निशाने पर हैं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के, पढिए यह स्टोरी

फिलहाल पार्टी में मंथन का दौर शुरू हो गया है। पहला विचार यही सामने आ रहा है कि न तो संजीव बालियान जाटों के वोट दिलवा सके और न ही दूसरे वर्गों की। थानाभवन में भी भाजपा को सबसे कम वोट मिले और यही हाल नकुड़ में रहा। एक भाजपा नेता ने बताया कि प्रचार के दौरान ही साफ हो गया था कि इन तीनों नेताओं का ही अपने इलाकों पर कोई नियंत्रण नहीं है। 

संजीव ने पार्टी को भरोसा दिलाया था कि वे जाटों को फिर से अजित सिंह की ओर नहीं लौटने देंगे। इसी प्रकार राणा व सैनी ने थानाभवन व नकुड़ विधानसभा क्षेत्रों की गारंटी ली थी लेकिन सब फेल रहे। थानाभवन में तो सुरेश राणा ने किसी बड़े नेता या सीएम योगी की रैली भी नहीं होने दी। राणा ने पार्टी हाईकमान को भरोसा दिलाया था कि वे अपने इलाके से भारी समर्थन भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को दिलवाएंगे। पर ऐसा नहीं हुआ। सबसे कम वोट भाजपा को थानाभवन से ही मिले हैं। अभी आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं और जैसे ही फाइनल फीगर आ जाएगी आपको विधानसभा वार आंकड़े दिए जाएंगे।




कैराना लोकसभा उपचुनाव

पांचों विधानसभाओं के आंकड़े


शामली
लोकदल 77159
भाजपा 77571
312 से भाजपा आगे रही

थाना भवन
लोकदल 88539
भाजपा 73334
लोकदल 15205 से आगे रही

कैराना
लोकदल 79378
भाजपा 93195
भाजपा 13817 से आगे रही


गंगोह (सहारनपुर)
लोकदल 108411
भाजपा 96141
लोकदल 12370 से आगे रही

नकुड़ (सहारनपुर) 
लोकदल 114341
भाजपा 86224
लोकदल 18117 से आगे रही 

उपरोक्त आंकड़े साफ कर रहे हैं कि थानाभवन व नकुड़ में भाजपा की करारी हार हुई। जबकि कैराना विधानसभा, जहां से तबस्सुम बेगम का बेटा नाहिद हसन सपा विधायक है, में रालोद की करारी हार हुई। यहां गुर्जर समाज ने मृगांका के लिए जमकर वोटिंग किया। शामली विधानसभा में भी भाजपा आगे रही। ऐस में सुरेश राणा व धर्म सिंह सैनी पर गाज भी गिर सकती है।