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Tuesday, 24 July 2018

बोले संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर से लाहौर हाईकोर्ट नजदीक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट दूर

मुजफ्फरनगर सांसद ने लोकसभा में उठाया वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच का मुद्दा 
नई दिल्ली/मुजफ्फरनगरः पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं मुजफ्फरनगर के भाजपा सांसद डॉ. संजीव बालियान ने संसद में वेस्ट यूपी में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के मुद्दे को पहली बार व प्रभावशाली तरीके से उठाया है। हालांकि केंद्र व यूपी में भाजपा की सरकार होने के बाद भी यह मामला कैसे नहीं निपट रहा है इसका जवाब भी संजीव बालियान के पास होना चाहिए लेकिन लगता है कि चुनावी साल होने के कारण संजीव बालियान को यह मुद्दा अहम लगा। हालांकि हरित प्रदेश के मुद्दे पर वे हमेशा चुप ही रहे हैं। सोमवार को लोकसभा में उन्होंने कहा कि लगातार आंदोलनों के बावजूद इलाहाबाद हाई कोर्ट बेंच की मांग पूरी नहीं हो पाई है। इलाहाबाद के दस हजार वकीलों के लिए पश्चिम यूपी के आठ करोड़ लोगों का गला कैसे घोंटा जा सकता है? लोकसभा में यह मसला उठाकर संजीव बालियान पूरी तरह से छा गए। उन्हें स्थानीय मीडिया ने शानदार कवरेज दी है। सभी अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है। अमर उजाला ने तो इसे पहले पेज पर स्थान दिया। हिंदुस्तान व दैनिक जागरण ने इसे पेज नंबर तीन पर छापा।
संजीव बालियान का दूरदर्शन को दिया यह इंटरव्यू जरूर देखें-

डॉ संजीव बालियान ने हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी यहां मौजूद है। उनकी उपस्थिति में केंद्र सरकार के समक्ष वर्षों से लंबित यह मुद्दा रख रहा हूं। उन्होंने कहा कि यूपी की 22 करोड़ आबादी है, जिसमें पश्चिम के 22 जिलों में लगभग आठ करोड़ की जनसंख्या हैं जो न्याय समय पर नहीं मिलने का दर्द झेल रही हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में करीब 15 लाख मुकदमें पेंडिंग हैं, जिनमें से लगभग 52 प्रतिशत यानि साढ़े सात लाख मुकदमें वेस्ट यूपी से जुड़े हैं। 


बालियान ने कहा कि वेस्ट यूपी से इलाहाबाद की दूरी 750 किलोमीटर है। मेरे लोकसभा क्षेत्र मुजफ्फरनगर से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के हाई कोर्ट के नजदीक है। उनके जिले से लाहौर उच्च न्यायालय की दूरी 500 किलोमीटर तक है। इलाहाबाद से नजदीक तो लाहौर हाई कोर्ट है। महाराष्ट्र की जनसंख्या आठ करोड़ है, वहां तीन बेंच और एक हाई कोर्ट है। मध्य प्रदेश में सात करोड़ की आबादी है, जहां एक हाई कोर्ट और दो बेंच है। कर्नाटक में छह करोड़ की आबादी पर तीन बेंच और एक हाई कोर्ट है। उत्तर प्रदेश में 22 करोड़ की जनसंख्या है, जहां एक हाई कोर्ट और केवल एक बेंच है। वह बेंच भी लखनऊ में है। इलाहाबाद से लखनऊ की दूरी केवल 200 किलोमीटर है, जबकि वेस्ट यूपी की दूरी 750 किलोमीटर है।


 उन्होंने कहा कि वर्षो से हाई कोर्ट बेंच की मांग उठाई जा रही है, लेकिन यह मांग कभी पूरी नहीं होती। जनता का विश्वास जब लोकतंत्र से उठ जाता है, तभी आंदोलन होते हैं। बार-बार वेस्ट यूपी की जनता को फुटबॉल की तरह उलझाया जा रहा है। केंद्र से लेकर यूपी तक कोई भी पहल इस दिशा में नहीं हुई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के मात्र 10 हजार वकीलों के लिए वेस्ट यूपी की आठ करोड़ जनता का गला घोंटा जा सकता है? बीजेपी सांसद डॉ बालियान ने कहा कि केंद्र सरकार हाई कोर्ट बेंच बनाने के महत्वपूर्ण पक्ष पर ध्यान दे।

बालियान गरजे संसद मेंः (मीडिया कवरेज)






Monday, 9 July 2018

संजीव बालियान ने बेइज्जत किया भाजपा नेता को, भारी विरोध

मुजफ्फरनगरः पूर्व केद्रीय मंत्री व मुजफ्फरनगर सांसद संजीव बालियान फिर से विवाद में घिर गए हैं। एक बैठक में उन्होंने भाजपा नेता विपुल त्यागी को खुलेआम यह कह दिया- 'नीचे बैठ जा, आवाज नीची कर यहां संजीव बालियान बैठा है।' इसका वीडिया सोशल मीडिया पर जबर्दस्त रूप से वायरल हो गया है और खासतौर से त्यागी समाज में इसके प्रति गहरा रोष है। सहारनपुर रोड पर टोल के मुद्दे पर हो रही बैठक में विपुल ने टोल पर ज्यादा वसूली की बात उठाई थी तो संजीव बालियान ने उन्हें चुप होकर बैठने को कहा था। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और पार्टी के शीर्ष नेताओं तक यह बात पहुंचाई गई है। यह पहला मौका नहीं है जब बालियान के खराब व्यवहार की बात सामने आई है। वे कार्यकर्ताओं के अलावा अपने बिजनेस पार्टनरों से भी इसी प्रकार बोलते हैं और यह बात कई बार जग जाहिर हो चुकी है।

संजीव बालियान को सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है इस घटना के लिए। खासतौर से त्यागी समाज में उनके खिलाफ रोष है।


संजीव बालियान से जुड़ी विवादित खबरें यहां पढ़ें-

1. संजीव बालियान की 10 बड़ी गलतियां।

2. क्यों बाहर कर दिए गए थे केबिनेट से बालियान

Monday, 11 June 2018

#SamparkForSamarthan में मुजफ्फरनगर भाजपा जीरो, सांसद विदेश गए

मुजफ्फरनगरः भाजपा इस समय पूरे देश में एक महत्वपूर्ण अभियान #SamparkForSamarthan चला रही है। इसके जरिए सारे नेता अपने संपर्क में आने वाले खास लोगों से मिल रहे हैं और उन्हें भाजपा सरकार की 4 साल की उपलब्धियों से अवगत करा रहे हैं। खुद अमित शाह ने इसकी बड़े पैमाने पर शुरूआत की। वे कपिल देव, कुलदीप नैयर, माधुरी दीक्षित, रतन टाटा जैसी हस्तियों से मिले। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीवीएस लक्ष्मण, सानिया मिर्जा, पुलेला गोपीचंद, पीवी सिंधू से मुलाकात की। अन्य नेता भी ऐसा कर रहे हैं। यह कार्यक्रम निचले स्तर तक चलाया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर से लगने वाले संसदीय क्षेत्रों मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल व बागपत के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी अपने इलाके के गणमान्य लोगों से मुलाकात की लेकिन मुजफ्फरनगर में यह अभियान परवान नहीं चढ़ पाया है। इसकी प्रमुख वजह है संगठन की खराब स्थिति। बताया जा रहा है कि पार्टी संगठन में फेरबदल होने की खबरें हैं और जिला अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। विधायकगण अपनी मस्ती में मस्त हैं और किसी की खबर नहीं ले रहे हैं।
जिले से जुड़े रहे दिल्ली के एक वरिष्ठ पत्रकार ने जब फेसबुक के माध्यम से यह सवाल सांसद संजीव बालियान से जोड़ते हुए उठाया तो पता चला कि सांसद महोदय 15 जून तक अमेरिका में हैं। ऐसे में यह अभियान कैसे चलेगा ? तमाम आसार बता रहे हैं कि कैराना लोकसभा उपचुनाव के बाद मुजफ्फरनगर में भाजपा की हालत कितनी खराब है। मुजफ्फरनगर के बारे में तो कहा जा रहा है कि भाजपा इस बार लोकसभा सीट पर चुनाव हारने जा रही है।

यहां जाट समाज में भी संजीव बालियान के खिलाफ नाराजगी है। दूसरे वर्ग भी उनसे नाराज हैं। विधायक कपिल देव अग्रवाल केवल अपने निकटस्थ लोगों के चक्कर में ही लगे रहते हैं। ऐसे में संगठन नीचे की ओर जा रहा है। यहां से रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई है कि यहां न उच्च वर्ग भाजपा जनप्रतिनिधयों से खुश है और न मध्यम वर्ग और न किसान व दूसरा गरीब तबका। ऐसे में क्या संपर्क होगा और क्या चुनाव जीता जाएगा।    











Tuesday, 29 May 2018

CBSE 10 Result : मुजफ्फरनगर के अक्षत वर्मा की देश में दूसरी रैंक

मुजफ्फरनगर के एस डी पब्लिक स्कूल का छात्र है अक्षत वर्मा

CBSE 10th result 2018 declared: सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट cbseresults.nic.in या cbse.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं।  कुल 86.70 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं। बोर्ड ने तय समय से पहले ही परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। इससे पहले बताया जा रहा था कि परीक्षा के रिजल्ट शाम 4 बजे तक जारी किए जाएंगे, लेकिन रिजल्ट पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
रिजल्ट के मुख्य बिंदु
-
 कुल 86.70 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं।
- लड़कियों ने मारी बाजी, 88.67 प्रतिशत लड़कियां पास हुई। 85.32 लड़के पास हुए।
- रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले 4.25 प्रतिशत गिरा, पिछले साल 90.95% था रिजल्ट
- इस बार 4 स्डूटेंड्स ने टॉप किया है। चारों ने 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं। चारों पहले स्थान पर हैं।
प्रखर मित्तल- डीपीएस, गुड़गांव- 500 में से 499
रिमजिम अग्रवाल- आरपी पब्लिक स्कूल, बिजनौर (यूपी)- 500 में से 499
नंदिनी गर्ग - स्कोटिश इंटरनेशनल स्कूल, शामली (यूपी)- 500 में से 499
श्रीलक्ष्मी जी - भवन विद्यालय, कोच्चि- 500 में से 499
सेकेंड टॉपर - दूसरा स्थान पाने वाले 7 विद्यार्थी
ऋतिका सरकार - डीपीएस गुड़गांव - 500 में से 498 अंक
श्रेष्ठा शर्मा - डीपीएस, सोनीपत (हरियाणा) - 500 में से 498 अंक
अक्षत वर्मा - एसडी पब्लिक स्कूल, मुज्जफरनगर (यूपी) - 500 में से 498 अंक
अंशिका गुप्ता - एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा (यूपी) - 500 में से 498 अंकअंचित जैन - एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा (यूपी) - 500 में से 498 अंक
थेरेसा सोनी- क्रिस्टू जयंथी पब्लिक स्कूल, कोच्चि- 500 में से 498 अंक
साक्षी भांगदिकर - ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 500 में से 498 अंक
Third Toppers
थर्ड टॉपर- तीसरा स्थान पाने वाले 14 विद्यार्थी 

तरनप्रीत कौर - ब्रोडवे पब्लिस स्कूल - संगरूर, पंजाब - 500 में से 497 अंक
लक्ष्य चावला - डीएवी पब्लिक स्कूल - गुड़गांव - 500 में से 497 अंक
अर्पणा - डीएलएफ पब्लिक स्कूल, राजेन्द्र नगर, गाजियाबाद, यूपी - 500 में से 497 अंक
अनुष्का पांडेय- बाल भारती पब्लिक स्कूल, नोएडा - 500 में से 497 अंक
शाहिस्ता सादफ- आर्मी स्कूल, रानीखेत, उत्तराखंड- 500 में से 497 अंक
खुशी अग्रवाल - ब्रह्मा देवी मंदिर स्कूल, हापुड़ (यूपी) - 500 में से 497 अंक
आयुष गुप्ता - इंदिरा पुरम पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद - 500 में से 497 अंक
स्निग्धा बासु- विश्व भारती पब्लिक स्कूल, नोएडा - 500 में से 497 अंक
मिष्ठी सिंघल - डीपीएस, मेरठ रोड, गाजियाबाद - 500 में से 497 अंक
एल गोकुलनाथ, सोमरविले स्कूल, नोएडा - 500 में से 497 अंक
अम्मू मरिअम अनिल, राजागिरी पब्लिक स्कूल, एर्नाकुलम, केरल- 500 में से 497 अंक
साक्षी महेश्वरी - कृष्णा पब्लिक स्कूल, दुर्ग, छत्तीसगढ़ - 500 में से 497 अंक
धारानी गोविंदास्वामी- महाऋषि विद्या मंदिर, चेन्नई  - 500 में से 497 अंक
अदिश शाह - विकास द कॉन्सेप्ट स्कूल, हैदराबाद, तमिलनाडु - 500 में से 497 अंक
खास बातें- 
 सरकारी स्कूलों में पास परसेंटेज 63.97 फीसदी
- 11.45 फीसदी बच्चों की कंपार्टमेंट आई
- दिव्यांग वर्ग में गाजियाबाद की सान्या गांधी के भी 489 नंबर आए
- दिव्यांग वर्ग में गुरुग्राम की अनुष्का पांडा ने मारी बाजी, 489 नंबर के साथ रहीं टॉप पर
- 27476 बच्चों ने 95 फीसदी से ज्यादा नंबर स्कोर किए
- 131493 बच्चों ने 90 फीसदी से ज्यादा नंबर स्कोर किए
- सबसे ज्यादा फीसदी बच्चे तिरुवनन्तपुरम के पास हुए, 99.60 फीसदी बच्चे पास हुए, वहीं दिल्ली के 78.62 फीसदी बच्चे पास हुए
- सबसे ज्यादा फीसदी बच्चे तिरुवनंतपुरम के पास हुए, 99.60 फीसदी बच्चे पास हुए, वहीं दिल्ली के 78.62 फीसदी बच्चे पास हुए


Saturday, 26 May 2018

टैक्स चोरी में मुजफ्फरनगर के सपा जिलाध्यक्ष रहे हिरासत में

कर चोरी की सूचना के बाद हो रही छापेमारी से जिले में हड़कंप मचा

मुजफ्फरनगरः भाजपा हो या सपा। सारे नेता सरकार को चूना लगा रहे हैं। जिले में हाल ही में टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद हुई छापेमारी में यह खुलासा हो गया है। पहले भाजपा नेता व नई मंडी के पूर्व सभासद विकल्प जैन के यहां फर्जी कागजात तैयार करने का भंडाफोड़ हुआ और वहां से जिन फैक्ट्रियों के कागजात मिले उनके खिलाफ लगातार वाणिज्य कर विभाग के छापे पड़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिले की लोहा इस्पात इंडस्ट्री में सरिये के निर्माण और बिक्री में हो रही कर चोरी को लेकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सेल्स टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) ने भारी छापेमारी की है। डीजीजीएसटीआई ने शुक्रवार को फिर से चार फैक्ट्रियों में छापे की कार्रवाई की। श्रीबालाजी स्टील्स पर छापे के दौरान टीम ने फैक्ट्री के डायरेक्टर सपा जिलाध्यक्ष एवं उद्यमी गौरव स्वरुप और उनके पार्टनर आकाश को 12 घंटे तक हिरासत में रखा। देर रात केंद्रीय उत्पाद शुल्क के शाकुंतलम स्थित कार्यालय पर दोनों से पूछताछ चलती रही। सूचना पर शहर में समस्त उद्यमी शाकुंतलम पहुंच गये। उद्यमियों ने टीम द्वारा दोनों को अवैध रुप से हिरासत में रखने का विरोध किया। देर रात करीब ग्यारह बजे उन्हें छोड़ा गया। 

टिहरी स्टील, श्री राधे स्टील और श्रीजी स्टील पर देर रात तक विभाग की छापेमारी चलती रही ।डीजीजीएसटीआई की नोएडा और मेरठ से आई चार टीमों ने शुक्रवार को जिले की चार फैक्ट्रियों गौरव स्वरुप की श्रीबालाजी स्टील्स, सतीश गोयल की टिहरी स्टील, वैभव जैन की श्री राधे स्टील और अजीत की श्रीजी स्टील्स पर एक साथ छापेमारी की। प्रत्येक टीम में लगभग 20 अधिकारी शामिल रहे। टीम ने तीन फैक्ट्रियों टिहरी स्टील, श्री राधे स्टील और श्रीजी स्टील से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, समस्त रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया। कंपनियों के डायरेक्टर से रात तक उनकी फैक्ट्रियों में ही पूछताछ होती रही। सबसे बड़ा हंगामा श्रीबालाजी फैक्ट्री को लेकर हुआ। तीन दिन पहले वाणिज्यकर विभाग की जीएसटी की टीम ने यहां छापा मारा था और समस्त रिकार्ड जांच के लिए आने साथ ले गए थे। इस कारण फैक्ट्री में डिप्टी कमिश्नर शशांक यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम को कुछ नहीं मिला। टीम के अधिकारियों ने कंपनी के डायरेक्टर आकाश और सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरुप पर दबाव बनाया कि वह उनके साथ मेरठ चले और छापे के बाद भरे जाने वाले पंचनामा पर वहीं पर हस्ताक्षर करें। इस पर गौरव स्वरुप और आकाश टीम के साथ मेरठ चल दिए। लेकिन खतौली के पास व्यापारियों ने विरोध किया और मेरठ जाने से इंकार कर दिया। बाद में तय हुआ कि मुजफ्फरनगर के शाकुंतलम स्थित दफ्तर पर ही पूछताछ व अन्य कार्रवाई हो। बहस के बाद टीम इन दोनो उद्यमियों को शाकुंतलम स्थित केंद्रीय उत्पाद शुल्क के ऑफिस ने आई। यहां दोनों उद्यमियों पर टीम ने दबाव बनाया कि ट्रेडर्स विकल्प जैन के यहां मिले रिकार्ड के अनुसार अपने यहां बड़ी टैक्स चोरी को स्वीकार करें। अफसरों को इस दबाव को उद्यमियों ने स्वीकार नहीं किया। देर रात तक शहर के समस्त उद्यमी शाकुंतलम में एकत्र हो गए। आईआईए अध्यक्ष कुशपुरी, विपुल भटनागर आदि उद्यमियों ने शाम छह बजे के बाद किसी भी उद्यमी को हिरासत में रखने को गैर कानूनी बताया। देर रात्रि करीब 11 बजे टीम ने दोनों को छोड़ा। कार्यालय से बाहर आए गौरव स्वरुप ने कहा कि तीन दिन पहले हमारे यहां छापा लग चुका सारा रिकार्ड वाणिज्यकर वालों के पास है। 
बता दें, डीजीजीएसटीआई की टीम ने 18 मई में भी दो फैक्ट्रियों अंबा स्टील्स और सर्वोत्तम स्टील पर छापेमारी की थी। अंबा स्टील्स से टीम ने करीब बीस करोड़ की कर चोरी पकड़ी थी तथा मौके पर पांच करोड़ रुपये जमा कराए थे। आठ दिन बाद ही यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।

इस छापेमारी की कार्रवाई की स्थानीय अखबारों अमर उजाल, जागरण व हिंदुस्तान में प्रकाशित खबरें-- 







Sunday, 22 April 2018

मुजफ्फरनगर में भाजपा सांसद व विधायक की हो रही थू थू

शिव चौक पर भाजपा नेता 
  मुजफ्फरनगरः नगर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान ने भाजपा जनप्रतिनिधिय़ों के लिए कठिन हालात पैदा कर दिए हैं। रविवार को भगत सिंह रोड पर भाजपा नेता सुनील तायल व अन्य व्यापारियों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और बाद में सिटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों को मिनाक्षी चौक पर मुस्लिम नेताओं ने मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इससे जिले के भाजपाई खुद को बेहद अपमानित महसूस कर रहे हैं। भाजपा नेताओं में सांसद संजीव बालियान और नगर विधायक कपिल देव के खिलाफ भारी आक्रोश है। रविवार को जब पिटाई से आहत होकर व्यापारी शिव चौक पर धरना दे रहे थे तो दोनों नेता वहां पहुंचे। इस दौरान दोनों के खिलाफ नारेबाजी हुई और हाय-हाय सुनने को मिली। हालांकि दोनों नेताओं ने आश्वासन दिया कि इस मामले में दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हैं। मामले की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।


मौके पर पहुंचे संजीव बालियान व पिटाई का शिकार भाजपा नेता। 
 पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका व प्रशासन ने शहर के तंग इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया हुआ है। शनिवार को भगत सिंह रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए जब सिटी मजिस्ट्रेट, पालिका अधिकारी पुलिस के साथ पहुंचे थे तो भारी हंगामा हुआ था। पीर के निकट स्थित कुमार गारमेंट्स के मालिक ने अपनी दुकान को तोड़े जाने पर हंगामा किया था। इसी बीच खबर मिलने पर विधायक कपिल देव वहां पहुंच गए। व्यापारियों का पूरा गुस्सा कपिल पर फूट गया। उनके साथ हाथापाई तक की गई। एक व्यापारी ने तो कपिल पर जूता भी फेंक दिया। कपिल बड़ी मुश्किल से निकल पाए थे।

अफसरों का सम्मान करते मुस्लिम नेता। 
रविवार को फिर वहीं काम हुआ। भगत सिंह रोड पर सब्जी मंडी के निकट सुनील तायल नामक भाजपा नेता की पुलिसवालों ने जबर्दस्त पिटाई की। उसके कपड़े तक फट गए। इस पर व्यापारियों में रोष व्याप्त हो गया और सब शिव चौक पर जमा हो गए और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। यहां कपिल देव व संजीव बालियान पहुंचे तो उनके खिलाफ भी नारेबाजी हुई। सबका कहना था कि भाजपा के राज में भाजपाई पिट रहे हैं और दूसरे समुदाय के लोग अफसरों को मालाएं पहना रहे हैं। दोनों नेताओं ने सबको आश्वासन दिया लेकिन व्यापारी संतुष्ट नहीं हुए। भाजपा के वरिष्ठ नेता श्रीमोहन तायल का कहना था कि उनके साथ ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ने गलत व्यवहार किया था कुछ माह पहले लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारियों का प्रदर्शन तो शाम तो खत्म हो गया लेकिन नेताओं के खिलाफ आक्रोश खत्म नहीं हुआ। माना जा रहा है कि कुछ नेता इस मामले को लेकर लखनऊ भी जा रहे हैं।
(for advt. - newswave.in@gmail.com ) 

Wednesday, 4 April 2018

मुजफ्फरनगरः बसपा नेताओं का भी हाथ था दंगे में

मुजफ्फरनगरः दलित संगठनों के बवाल को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स ने साफ कर दिया है कि  हिंसा का नंगा नाच नेताओं ने प्रायोजित किया था। पुलिस ने भी यह माना है कि कुछ बसपा नेताओं ने इसे अंदरखाने सपोर्ट किया। मेरठ में बसपा का पूर्व विधायक गिरफ्तार हो चुका है और मुजफ्फरनगर में दबिश जारी है। देखें खबरों ने क्या लिखाः- 






Thursday, 29 March 2018

क्या आप जानते हैं- मुजफ्फरनगर में किस आयु में करते हैं लड़कियां व लड़के शादी?

मुजफ्फरनगरः अपने जिले के बारे में यदि कुछ सवाल आप से पूछे जाएं तो आप बता नहीं पाएंगे। मसलन जिले का लिंगानुपात क्या है, शिक्षा का स्तर कैसा है, यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या है, पानी की स्थिति क्या है, यहां के युवाओं की शादी औसतन किस आयु में होती है ? आदि-आदि कई ऐसे सवाल हैं जो आप जानना चाहेंगे। पहली बार हम आपके लिए लाए हैं ये तमाम आंकड़े विस्तार से। नीति आयोग ने हाल ही में देश के सभी जिलों से यह आंकड़े जमा किए और उन्हें रेटिंग भी प्रदान की। हालांकि मुजफ्फरनगर जिला इस रेटिंग में कोई स्थान नहीं बना सका लेकिन फिर भी हमने आपकी जानकारी के लिए ये आंकड़े जुटाने का काम किया। पढ़िये विस्तार से ये सारी जानकारियाः-

राष्ट्रीय राजधानी से महज चंद मील दूर बसा हरियाणा का मेवात देश का सबसे पिछड़ा जिला है। विकास के दावों की हकीकत बयां करने वाला यह खुलासा किसी गैर सरकारी संस्था ने नहीं बल्कि खुद सरकार के शीर्ष थिंक टैंक नीति आयोग ने किया है। नीति आयोग ने शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण जैसे पांच क्षेत्रों के विकास के 49 मानकों पर देश के 101 पिछड़े जिलों की रैंकिंग की है जिसमें यह तथ्य सामने आया है। देश के सर्वाधिक पिछड़े 10 जिलों में से चार अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने यह रैंकिंग जारी करते हुए कहा कि सरकार ने पिछड़े जिलों का कायापलट करने के लिए 101 जिलों की पहचान की है। हालांकि इन जिलों को पिछड़ा जिला न कहकर सरकार ने इन्हें 'आस्पिरेशनल डिस्टि्रक्ट' नाम दिया है। इन जिलों में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी नियुक्त किए हैं। इन जिलों में प्रगति का जायजा लेने के लिए ही नीति आयोग ने यह बेस-लाइन रैंकिंग जारी की है। एक अप्रैल से यह रैंकिंग रियल टाइम ऑनलाइन देखी जा सकेगी और मई से यह पता चल सकेगा कि किस जिले में कितनी तरक्की हुई।







Tuesday, 20 March 2018

मुजफ्फरनगर : सैक्स रैकेट चलाने में भाजपा नेता पकड़ा


मुजफ्फरनगरः मुजफ्फरनगर की गांधी कालोनी में एक भाजपा नेता के सैक्स रैकेट चलाने की खबर मिली है। बताया जाता है कि सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़की ने यह जानकारी दी है। इस भाजपा नेता को वेश्यावृति कराने के आरोप में नई मंडी पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले ही गांधी कालोनी में पकड़े गए सेक्स रैकेट से भाजपा नेता के तार जुड़े हैं। पकड़ी गई युवती से आरोपी भाजपा नेता वेश्यावृत्ति कराता था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नई मंडी पुलिस टीम ने सोमवार को भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गांधी कालोनी में गली नंबर 16 के एक मकान पर छापा मार कर सेक्स रैकेट पकड़ा गया था जो गोयल कोचिंग सेंटर की आड़ में चल रहा था।
गिरफ्तार भाजपा नेता। 

Friday, 12 January 2018

हुकुम सिंह की वजह से आलम शामिल हुए हैं रालोद में !

मुजफ्फरनगर/शामलीः जिले की राजनीति में एक चतुर चालाक राजनीतिज्ञ के रूप में अपनी छवि रखने वाले पूर्व सांसद अमीर आलम खां व उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खां ने अब रालोद का दामन थाम लिया है। दल बदलने में माहिर आलम का इरादा सब लोग भांप गए हैं। अब वे 2019 में कैराना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वे खुद चुनाव लड़ेंगे या बेटे को लडवाएंगे यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन यह सही है कि इसके अलावा रालोद में आने की उनके पास कोई दूसरी वजह नहीं है। सपा व बसपा में उनके लिए दरवाजे बंद हो चुके हैं।

दरअसल कैराना लोकसभा सीट से वर्तमान भाजपा सांसद हुकुम सिंह की यह राजनीति में आखिरी पारी है। वे 75 साल की आयु पार कर चुके हैं और पहले ही कह चुके हैं कि अब सक्रिय राजनीति से दूर जा रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिलवाया था और अपनी विरासत बेटी को सौंपने की कोशिश की, लेकिन वह जीत नहीं सकी और सपा प्रत्याशी नाहिद हसन (पूर्व सांसद मरहूम मुनव्वर हसन के बेटे) से हार गई। नाहिद अब सपा के विधायक हैं और बहुत कम उम्मीद है कि 2019 में वे लोकसभा चुनाव लड़ें। ऐसे में आलम को कैराना सीट सेफ नजर आ रही है। यहां जाट व मुस्लिम समीकरण की वजह से वे 1999 में भी रालोद के टिकट पर सांसद चुने गए थे। आलम तीन बार थानाभवन सीट से विधायक भी रहे हैं और ज्यादातर जीत उन्हें रालोद के टिकट पर ही मिली हैं।


आलम के साथ पिछले लोकसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक होने का टैग जुड़ गया था। 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 2012 में उनके बेटे नवाजिश आलम बुढ़ाना से सपा विधायक बने थे लेकिन पांच साल पूरे होने से पहले ही उन्होंने बसपा में जुगाड़ भिड़ाना शुरू कर दिया था। बाद में नवाजिश ने मीरापुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए थे। अब ऐसे में बाप बेटा न सपा के रहे न बसपा के। अब उनके सामने रालोद में ही जाने का चारा बचा था। देखना यह है कि बसपा, भाजपा व सपा कैसे उनकी कैराना में किलेबंदी करते हैं।

अमीर आलम का राजनीतिक सफर - 1985 में लोकदल के टिकट पर थानाभवन से विधायक
- 1989 में जनता दल से मोरना क्षेत्र से विधायक
- 1991 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में परिवहन राज्य मंत्री बने
- 1996 में सपा के टिकट पर थानाभवन से विधायक बने
- 1999 में रालोद प्रत्याशी के रूप में कैराना से सांसद बने
- 2006 में सपा की ओर से राज्य सभा सदस्य बनाए गए



Monday, 11 December 2017

संजीव बालियान, कपिल देव व रुपेंद्र सैनी के खिलाफ हुई पार्टी

मुजफ्फरनगरः सांसद संजीव बालियान और सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ भाजपा जिला संगठन में भारी आक्रोश है। हाल ही में निकाय चुनाव में भाजपा की करारी हार की वजह इन दोनों नेताओं के साथ-साथ जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। संगठन से जुड़े नेताओं ने हाईकमान को अलग-अलग तरीके से अपना विरोध भेज दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही संगठन में भी बदलाव होंगे।

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर जिले में दो ही नगर पालिका हैं- मुजफ्फरनगर और खतौली। दोनों में ही भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। माना जा रहा है कि सैनी, बालियान व कपिल की तिकड़ी ने ही पार्टी की किरकिरी कराई है। दोनों ही टिकट गलत घोषित किए गए। मुजफ्फरनगर में सुधाराज शर्मा को टिकट दिए जाने से संगठन में भारी हलचल हुई। पार्टी के खिलाफ ही धरना दिया पार्टी की महिला नेताओं ने। सभासदों को टिकट भी गलत बांटे गए। ज्यादातर प्रत्याशी हार गए। 50 में से 16 ही भाजपा के सभासद बने। ये सब शर्मनाक रहा। अब संगठन के पुराने नेताओं ने हाईकमान से शिकायत की है कि जिले में ऐसा दबंग जिलाध्यक्ष बनाया जाए तो कपिल देव व संजीव बालियान की जोड़ी के बढ़ते प्रभाव को तोड़ सके। क्योंकि इन दोनों ने पार्टी को हाईजैक कर लिया है और मनमानी कर रहे हैं। 

'मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव’ फिल्म पर कोई प्रतिबंध नहीं

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यूपी सरकार ने साफ किया

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि 'मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव’ फिल्म पर प्रदेश के किसी भी जिले में कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने यह दावा किया। यह खंडपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, सहारनपुर, बागपत और गाजियाबाद जिलों में यह फिल्म प्रर्दिशत नहीं करने के प्राधिकारियों के मौखिक निर्देश हैं।

'मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव’ उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 2013 में हुए दंगों की पृष्ठभूमि में एक हिन्दू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेम कथा पर आधारित है । पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार त्यागी के इस कथन को सुनने के बाद फिल्म की निर्माता कंपनी मोरना एंटरटेनमेन्ट प्रा लि की याचिका का निस्तारण कर दिया। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में राज्य सरकार के वकील का यह कथन दर्ज किया कि प्राधिकारियों ने फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के बारे में कोई आदेश नहीं दिया है और आज भी सिनेमाघरों में फिल्म दिखाई जा रही है। पीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुये कहा कि यदि फिल्म निर्माता और वितरक को फिल्म प्रदर्शन के लिये पुलिस की मदद की आवश्यकता होगी तो यह उन्हें मुहैया करायी जायेगी। फिल्म निर्माता कंपनी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि इन जिलों में प्राधिकारियों ने गैरकानूनी और अधिकृत किये बगैर ही सिनेमाघरों को फिल्म का प्रदर्शन नहीं करने की चेतावनी दी थी। यह फिल्म 17 नवंबर को प्रर्दिशत होने वाली थी।

इस फिल्म को मुजफ्फरनगर के सिनेमाघरों ने भी रिलीज करने से इंकार कर दिया था। उन्हें आशंका है कि उनके खिलाफ प्रदर्शन हो सकता है।


Monday, 27 November 2017

न्यूजवेव-एग्जिट पोलः अंजू अग्रवाल की जीत के प्रबल संकेत

मुजफ्फरनगरः नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान के बाद अब जीत हार को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। सभी दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है लेकिन न्यूजवेव-स्पेक्ट्रम मी़डिया सर्वे की एग्जिट पोल रिपोर्ट की मानें तो कांग्रेस की अंजू अग्रवाल मुजफ्फरनगर की पहली महिला चेयरपर्सन बनने की ओर बढ़ रही हैं। न्यूजवेव ने मतदान के बाद सभी वार्डों की समीक्षा की और रूझानों पर गौर किया तो चौंकाने वाले संकेत सामने आए।


भाजपा के सभासद पद प्रत्याशियों ने की भितरघात

न्यूजवेव ने पाया कि सभासद पद के भाजपा प्रत्याशियों ने ही भाजपा की प्रत्याशी सुधाराज शर्मा के समर्थन में वोट नहीं मांगा। कई प्रत्याशियों ने तो अपने इलाकों में मतदाताओं से साफ कि आप नीचे (सभासद) उन्हें (भाजपा) को वोट दे दें और ऊपर (अध्यक्ष पद के लिए) किसी को भी दे दें। इस तरह भाजपा टिकट बंटवारे के बाद हुई भितरघात का शिकार हो गई।

न्यूजवेव ने नई मंडी- पटेल नगर के चार वार्डों में इस भितरघात को साफ महसूस किया। एक भाजपा नेता ने बताया कि सुधाराज शर्मा के टिकट को लेकर संगठन में भारी रोष था और यह रोष प्रचार में साफ नजर आया। यही वजह रही कि कांग्रेस की अंजु अग्रवाल को वैश्य मतदाताओं में भारी सफलता मिली है। अंजु ने यही दावा किया है कि वे 15-20 हजार वोटों से जीत रही हैं। हालांकि यह अति आत्मविश्वास भी हो सकता है लेकिन संकेत यह हैं कि उनकी जीत लगभग पक्की मानी जा रही है।


मुस्लिम मत सपा नहीं कांग्रेस के खाते में गए 

न्यूजवेव-स्पेक्ट्रम मीडिया के एग्जिट पोल में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि सपा की प्रत्याशी मिथलेश पाल बुरी तरह चुनाव हार रही हैं। उन्हें मुस्लिम वोट नहीं मिले हैं। मुस्लिम इलाकों में भी कांग्रेस को वोट मिलते नजर आए और अंजु की जीत के आसार बढ़ गए। मुजफ्फरनगर में यूपी में सबसे ज्यादा 64 प्रतिशत मतदान भी हुआ है और इसी वजह से जीत-हार का अंतर बड़ा हो सकता है। बसपा की प्रत्याशी मुदस्सिर हसन की भी हार तय नजर आती है। अगर उन्हें मुस्लिम वोट मिल गए तो अंजु की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।



Thursday, 23 November 2017

सर्वेः जानिए- मुजफ्फरनगर में क्यों बढ़ रही है कांग्रेस फिर से जीत की ओर

 न्यूजवेव-स्पेक्ट्रम मीडिया/ओपिनियन पोलः नगर पालिका चुनाव मुजफ्फरनगर


मुजफ्फरनगरः पिछले एक सप्ताह में किए गए एक सर्वे के अनुसार इस बार भी भाजपा को पालिका अध्यक्ष की कुर्सी से वंचित रहना पड़ सकता है। सर्वे के अनुसार, कांग्रेस की रालोद समर्थित उम्मीदवार अंजू अग्रवाल को बढत मिलती नजर आ रही है।

90 प्रतिशत वैश्य मतदाता अंजू अग्रवाल के समर्थन में ख़ड़े नजर आ रहे हैं। खासतौर से नई मंडी में उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। 

अंजू अध्यक्ष पद के लिए अकेली वैश्य उम्मीदवार हैं। मुजफ्फरनगर में वैश्य मतों की संख्या सबसे ज्यादा है। निवर्तमान चेयरमैन पंकज अग्रवाल की चाची होने का लाभ भी अंजू को मिल रहा है। पंकज ने अपने कार्यकाल में खूब कार्य कराए थे और वैश्य मतदाताओं में उनकी पकड़ है।

भाजपा प्रत्याशी सुधाराज शर्मा को केवल ब्राह्मणों मत ही मिलते नजर आ रहे हैं। कुछ पंजाबी मत व कुछ वैश्य मत भी उन्हें मिल सकते हैं। इसके अलावा उनका कोई जनाधार नहीं नजर आता।  

85 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता भी अंजू अग्रवाल की ओर झुकाव दिखाते नजर आए। दरअसल मुस्लिम मतदाता उसे वोट करते हैं जो भाजपा को हरा सके। ऐसे में अंजू का ही पलड़ा भारी माना जा रहा है।

सपा की प्रत्याशी मिथलेश पाल का शहर में कोई जनाधार नहीं रहा है। वे पहले भी कई बार चुनाव हार चुकी हैं। ऐसे में वैश्य मतदाता और मुस्लिम मतदाता की वे पहली पसंद नहीं बन पा रही हैं।

वैश्य वोटर बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रत्याशी की ओर जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप खुद वैश्य समाज से जुड़े होने के बावजूद यह पलायन नहीं रोक पा रहे हैं। भाजपा के विधायक कपिल देव अग्रवाल पूरा प्रयास कर रहे हैं कि भाजपा की ओर वैश्य वोटर जाएं लेकिन उनकी मेहनत रंग लाती नहीं नजर आ रही है।
बसपा की मुस्लिम प्रत्याशी का कमजोर होना भी कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी को मजबूत मानकर मुस्लिम वोटर उसकी ओर जाते नजर आ रहे हैं।

26 नवम्बर को यहां मतदान होना है।


Saturday, 18 November 2017

[ पूरी कवरेज ] मेरे लिए मुजफ्फरनगर भी गोरखपुर जैसाः योगी

मुजफ्फरनगरः यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जीआईसी के मैदान में आयोजित एक चुनावी सभा में कहा कि मेरे लिए जैसा गोरखपुर है वैसा ही मुजफ्फरनगर। उन्होंने निकाय चुनाव के संदर्भ में कहा कि भाजपा शहरों का विकास करना चाहती है लेकिन इसके लिए रेहड़ी वालों को नहीं उजाड़ना चाहती। 

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराकर जाम से निजात दिलाई जाएगी। सफाई और पेयजल के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। सरकार इसके लिए पहले ही सर्वे पहले करा चुकी है। रेहड़ी वालों को हटाने से पहले उनका पुनर्वास किया जाएगा। विकास में पश्चिमी यूपी को पिछड़ने नहीं दिया जाएगा। किसानों को ट्यूबवेल का कनेक्शन मिलेगा। कोई दिक्कत हो या अधिकारी आनाकानी करें तो प्रशासन-शासन को अवगत कराएं। तुरंत कार्रवाई होगी और जनता का काम होगा। 




मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साल पहले मुजफ्फरनगर ने दंगे की त्रासदी झेली। मेरे लिए जैसा गोरखपुर है, वैसा मुजफ्फरनगर। पूरा प्रदेश हमारे लिए परिवार जैसा है। भाजपा सरकार बनने के बाद हमने सबसे पहला काम कानून के राज की स्थापना करने का किया। अवैध बूचड़कखाने बंद कराए। हमारे समय में प्रदेश के अंदर एक भी दंगा नहीं हुआ। अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में आज किसी में हिम्मत नहीं है जो किसी व्यापारी या उद्योगपति से रंगदारी मांग सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में विकास का ऐसा माहौल बना रही है कि यहां के नौजवानों को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े। किसी के  साथ भेदभाव नहीं होगा। सबको साथ लेकर सबका विकास करने में लगे हैं। 



योगी ने कहा कि 15 साल तक प्रदेश में पुलिस अपराधियों से पिटती नजर आती थी। भाजपा सरकार में पुलिस के हौसले बढ़े हैं और अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। अपराधी अब या तो जेल में नजर आ रहे हैं या यमराज के पास जा रहे हैं। निकाय चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन की अपील करते हुए जनता से सीएम ने विकास का वादा किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पांडे, पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह, सांसद संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर के विधायक कपिल देव अग्रवाल, पुरकाजी विधायक प्रमोद उंटवाल, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना, खतौली विधायक विक्रम सैनी के अलावा निकाय चुनाव में भाजपा के सिंबल पर लड़ रहे अध्यक्ष पद प्रत्याशी मौजूद रहे। 

कार्यक्रम में मंच के सामने स्कूली बच्चों द्वारा फूलों से तैयार किया गया बड़ा सा कमल का फूल सबके आकर्षण का केंद्र बना रहा और यहां लोग सैल्फी क्लिक करते देखे गए। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों की सराहना की।