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Thursday, 23 November 2017

सर्वेः जानिए- मुजफ्फरनगर में क्यों बढ़ रही है कांग्रेस फिर से जीत की ओर

 न्यूजवेव-स्पेक्ट्रम मीडिया/ओपिनियन पोलः नगर पालिका चुनाव मुजफ्फरनगर


मुजफ्फरनगरः पिछले एक सप्ताह में किए गए एक सर्वे के अनुसार इस बार भी भाजपा को पालिका अध्यक्ष की कुर्सी से वंचित रहना पड़ सकता है। सर्वे के अनुसार, कांग्रेस की रालोद समर्थित उम्मीदवार अंजू अग्रवाल को बढत मिलती नजर आ रही है।

90 प्रतिशत वैश्य मतदाता अंजू अग्रवाल के समर्थन में ख़ड़े नजर आ रहे हैं। खासतौर से नई मंडी में उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। 

अंजू अध्यक्ष पद के लिए अकेली वैश्य उम्मीदवार हैं। मुजफ्फरनगर में वैश्य मतों की संख्या सबसे ज्यादा है। निवर्तमान चेयरमैन पंकज अग्रवाल की चाची होने का लाभ भी अंजू को मिल रहा है। पंकज ने अपने कार्यकाल में खूब कार्य कराए थे और वैश्य मतदाताओं में उनकी पकड़ है।

भाजपा प्रत्याशी सुधाराज शर्मा को केवल ब्राह्मणों मत ही मिलते नजर आ रहे हैं। कुछ पंजाबी मत व कुछ वैश्य मत भी उन्हें मिल सकते हैं। इसके अलावा उनका कोई जनाधार नहीं नजर आता।  

85 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता भी अंजू अग्रवाल की ओर झुकाव दिखाते नजर आए। दरअसल मुस्लिम मतदाता उसे वोट करते हैं जो भाजपा को हरा सके। ऐसे में अंजू का ही पलड़ा भारी माना जा रहा है।

सपा की प्रत्याशी मिथलेश पाल का शहर में कोई जनाधार नहीं रहा है। वे पहले भी कई बार चुनाव हार चुकी हैं। ऐसे में वैश्य मतदाता और मुस्लिम मतदाता की वे पहली पसंद नहीं बन पा रही हैं।

वैश्य वोटर बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रत्याशी की ओर जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप खुद वैश्य समाज से जुड़े होने के बावजूद यह पलायन नहीं रोक पा रहे हैं। भाजपा के विधायक कपिल देव अग्रवाल पूरा प्रयास कर रहे हैं कि भाजपा की ओर वैश्य वोटर जाएं लेकिन उनकी मेहनत रंग लाती नहीं नजर आ रही है।
बसपा की मुस्लिम प्रत्याशी का कमजोर होना भी कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी को मजबूत मानकर मुस्लिम वोटर उसकी ओर जाते नजर आ रहे हैं।

26 नवम्बर को यहां मतदान होना है।


Friday, 10 November 2017

इस महिला नेता को पैर पकड़ कर मनाया संजीव बालियान ने

मुजफ्फरनगरः भाजपा में नाराजगी का दौर जारी है। नगर पालिका चुनाव के लिए अध्यक्ष व सभासदों के पद के लिए टिकटों को बांटने में गड़बड़ हुई है यह तो सब मान रहे हैं लेकिन अब डैमेज कंट्रोल कैसे हो इसे लेकर प्रयास भी तेज हो रहे हैं। भाजपा ने मुजफ्फरनगर में सुधा राज शर्मा (पत्नी अरविंद राज शर्मा ) को टिकट दिया तो बवाल हो गया। टिकट की इंतजार में खड़ी दर्जनों महिला नेताओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए शिव चौक पर दिन रात धरना शुरू कर दिया। सांसद संजीव बालियान व विधायक कपिल देव पर आरोप लगे कि दोनों ने पैसे लेकर टिकट बेच दिया है। पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल व भाजपा की पुरानी नेता सरिता अरोरा ने तो बागी तेवर दिखाते हुए पर्चा ही दाखिल कर दिया।
सुशीला के पैर पकड़ते संजीव बालियान। 
निकाय चुनाव की तैयारी के लिए भावना पैलेस बैंकेट हाल में पार्टी की मीटिंग हुई तो वहां कुछ पुराने कार्यकर्ताओं ने सिर पर जूता तक मारा और लानत दी कि पार्टी की 40 साल की वफादारी का ये सिला मिला उन्हें? ऐसे में दबाव संजीव बालियान पर सबसे ज्यादा बढ़ गया है। डेढ़ साल बाद उन्हें भी लोकसभा चुनाव फेस करना है और वे नहीं चाहते कि कोई बवाल हो। इसी के मद्देनजर उन्होंने रूठों को मनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
सरिता अरोरा को मिठाई खिलाते अरविंद राज शर्मा
इसी क्रम में वे सुशीला अग्रवाल के घर पहुंचे और उन्हें नाम वापस लेने के लिए मना लिया। संजीव बालियान ने सहृदयता दिखाते हुए सुशीला के पैर पकड़ लिए और कहा कि जब तक आप नहीं मानेंगी तब तक वे नहीं जाएंगे। बताया जाता है कि संजीव की इस हठ के सामने सुशीला को झुकने को मजबूर होना पड़ा।
दूसरी ओर अरविंद राज शर्मा ने सरिता अरोरा को मिठाई खिलाकर मना लिया। बहरहाल अभी सभासद के टिकटों की नाराजगी दूर होनी बाकी है। इसका लाभ कांग्रेस की प्रत्याशी अंजू अग्रवाल को मिल सकता है। वैश्य प्रत्याशी अकेली मैदान में है। उनके भतीजे पंकज अग्रवाल निवर्तमान चेयरमैन भी हैं और उन्होंने शहर में बढ़िया काम कराया था।
सभासद का टिकट मांग रहे वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामलाल गुप्ता ने खुद को मारने के लिए जूता निकाल लिया। क्या संजीव बालियान इनके भी पैर पकड़ने जाएंगे? ऐसा लोगों की नाराजगी भाजपा का महंगी पड़ सकती है।