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Friday, 10 November 2017

इस महिला नेता को पैर पकड़ कर मनाया संजीव बालियान ने

मुजफ्फरनगरः भाजपा में नाराजगी का दौर जारी है। नगर पालिका चुनाव के लिए अध्यक्ष व सभासदों के पद के लिए टिकटों को बांटने में गड़बड़ हुई है यह तो सब मान रहे हैं लेकिन अब डैमेज कंट्रोल कैसे हो इसे लेकर प्रयास भी तेज हो रहे हैं। भाजपा ने मुजफ्फरनगर में सुधा राज शर्मा (पत्नी अरविंद राज शर्मा ) को टिकट दिया तो बवाल हो गया। टिकट की इंतजार में खड़ी दर्जनों महिला नेताओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए शिव चौक पर दिन रात धरना शुरू कर दिया। सांसद संजीव बालियान व विधायक कपिल देव पर आरोप लगे कि दोनों ने पैसे लेकर टिकट बेच दिया है। पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल व भाजपा की पुरानी नेता सरिता अरोरा ने तो बागी तेवर दिखाते हुए पर्चा ही दाखिल कर दिया।
सुशीला के पैर पकड़ते संजीव बालियान। 
निकाय चुनाव की तैयारी के लिए भावना पैलेस बैंकेट हाल में पार्टी की मीटिंग हुई तो वहां कुछ पुराने कार्यकर्ताओं ने सिर पर जूता तक मारा और लानत दी कि पार्टी की 40 साल की वफादारी का ये सिला मिला उन्हें? ऐसे में दबाव संजीव बालियान पर सबसे ज्यादा बढ़ गया है। डेढ़ साल बाद उन्हें भी लोकसभा चुनाव फेस करना है और वे नहीं चाहते कि कोई बवाल हो। इसी के मद्देनजर उन्होंने रूठों को मनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
सरिता अरोरा को मिठाई खिलाते अरविंद राज शर्मा
इसी क्रम में वे सुशीला अग्रवाल के घर पहुंचे और उन्हें नाम वापस लेने के लिए मना लिया। संजीव बालियान ने सहृदयता दिखाते हुए सुशीला के पैर पकड़ लिए और कहा कि जब तक आप नहीं मानेंगी तब तक वे नहीं जाएंगे। बताया जाता है कि संजीव की इस हठ के सामने सुशीला को झुकने को मजबूर होना पड़ा।
दूसरी ओर अरविंद राज शर्मा ने सरिता अरोरा को मिठाई खिलाकर मना लिया। बहरहाल अभी सभासद के टिकटों की नाराजगी दूर होनी बाकी है। इसका लाभ कांग्रेस की प्रत्याशी अंजू अग्रवाल को मिल सकता है। वैश्य प्रत्याशी अकेली मैदान में है। उनके भतीजे पंकज अग्रवाल निवर्तमान चेयरमैन भी हैं और उन्होंने शहर में बढ़िया काम कराया था।
सभासद का टिकट मांग रहे वरिष्ठ भाजपा नेता श्यामलाल गुप्ता ने खुद को मारने के लिए जूता निकाल लिया। क्या संजीव बालियान इनके भी पैर पकड़ने जाएंगे? ऐसा लोगों की नाराजगी भाजपा का महंगी पड़ सकती है। 

Monday, 6 November 2017

संजीव बालियान व कपिल देव पर पैसे लेने का आरोप

गुस्साई महिला भाजपा नेताओं ने फूंके दोनों के शिव चौक पर पुतले


पालिका अध्यक्ष पद के लिए टिकट में अरविंद राज शर्मा से पैसे लेने का लगाया आरोप 

मुजफ्फरनगरः
नगर पालिका चुनाव में पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करके नए प्रत्याशी को टिकट दिए जाने के खिलाफ जिला भाजपा में उबाल है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व मुजफ्फरनगर सांसद डॉ. संजीव बालियान व सदर विधायक कपिल देव पर सबका निशाना है। भाजपा की महिला नेताओं ने सोमवार को शिव चौक पर दोनों के पुतले फूंके। इनका आरोप था कि इन दोनों नेताओं ने पैसे लेकर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए टिकट भाजपा नेता अरविंद राज शर्मा की पत्नी सुधा शर्मा को दिलवा दिया है। 

गौरतलब है कि पहली बार मुजफ्फरनगर सीट महिला के लिए रिजर्व हुई है। ऐसे में उन महिला नेताओं को भी आशा जगी थी जो 15-20 साल से पार्टी के लिए काम कर रही हैं। इनमें से कई तो टिकट की प्रबल दावेदार थीं। शिवचौक पर पुतला फूंकने वालों में पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल, एकता गुप्ता, सरिता अरोरा, सरिता गौड़, साधना आदि प्रमुख थीं। सब जानते हैं कि अरविंद राज शर्मा ने 2012 में बसपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर सदर सीट से चुनाव लड़ा था और हार गए थे। इसके बाद वे भाजपा में आए थे। महिला नेताओं का आरोप था कि उनकी पत्नी कभी राजनीति में नहीं रही। न कभी पार्टी की मीटिंग में आती हैं। ऐसे में अचानक उनके टिकट का ऐलान कैसे हो गया। इसके लिए सबने संजीव बालियान व कपिल देव की जोड़ी को ही जिम्मेदार ठहराया। सबने खुलेआम आरोप लगाया कि दोनों ने पैसे लेकर यह टिकट कराया है।
नाराज महिला नेताओं के बीच कपिल देव व संजीव बालियान भी पहुंचे। 
इस रोष से यह तो तय है कि भाजपा इस सीट को हार सकती है। वैश्य समाज भी नाराज है। पिछले दो चुनाव से यहां वैश्य चेयरमैन बनते रहे हैं। पंजाबी समाज की भी उपेक्षा की गई है। ऐसे में सपा प्रत्याशी मिथलेश पाल की जीत के आसार प्रबल हो रहे हैं।
सुधा राज शर्मा टिकट मिलने के बाद अपने परिजनों के बीच। 
शिव चौक पर पुतला दहन की सूचना मिलते ही अपने समर्थकों के साथ पहुंचे बीजेपी के प्रत्याशी नगर पालिका के उम्मीदवार सुधा शर्मा के पति अरविंद राज शर्मा। अरविंद राज शर्मा ने बीजेपी की महिला मोर्चा की कार्यकर्ता को समझाने का प्रयास किया कि वह सदैव आपके साथ है और बीजेपी के हाईकमान ने जो भी फैसला किया है वह सोच समझकर किया है।लेकिन बीजेपी की महिला मोर्चा ने नहीं मानी उनकी बात और उन का कड़ा विरोध किया । भाजपा मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।