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Wednesday, 18 April 2018

MLA Survey-1 : मुजफ्फरनगर-शामली का सबसे लोकप्रिय विधायक कौन ?

विधायकों के सर्वे के नतीजे आने शुरू हो चुके हैं। योगी सरकार का एक साल पूरा होने के मौके पर न्यूजवेव ने स्पेक्ट्रम मीडिया के साथ मिलकर जो सर्वे कराया उसके मुताबिक मुजफ्फरनगर व शामली जिले के नौ विधायकों की रैंकिंग का काम शुरू हो चुका है। हम इसका बिंदुवार खुलासा करेंगे। अभी फीडबैक आ रहा है और उनका हम विश्लेषण कर रहे हैं। फिलहाल कुछ बिंदुओं पर रायशुमारी साफ हो गई है। जिन पर सर्वे पूरा हो चुका है उनका विवरण इस प्रकार हैः- 

पहला सवालः आप अपने विधायक को 10 में से कितने नंबर देंगे?

कपिल देव अग्रवाल (मुजफ्फरनगर) – 4

प्रमोद उंटवाल (पुरकाजी)- 5

विजय कश्यप (चरथावल)- 6

उमेश मलिक (बुढ़ाना) – 4

अवतार भड़ाना (मीरापुर)- 4

विक्रम सैनी (खतौली)- 3

सुरेश राणा (थानभवन) – 7

तेजेंद्र निर्वाल (शामली)- 5

नाहिद हसन (कैराना)- 5

(इस सवाल में सभी वर्गों की रैंक के आधार पर औसत अंक निकालकर रैंक दी गई है) 


दूसरा सवालः आपके विधायक को क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के हिसाब से एक से दस अंक में रैंक कीजिए।

कपिल देव अग्रवाल (मुजफ्फरनगर) – 3

प्रमोद उंटवाल (पुरकाजी)- 4

विजय कश्यप (चरथावल)- 6

उमेश मलिक (बुढ़ाना) – 3

अवतार भड़ाना (मीरापुर)- 2

विक्रम सैनी (खतौली)- 4

सुरेश राणा (थानभवन) – 5

तेजेंद्र निर्वाल (शामली)- 4

नाहिद हसन (कैराना)- 6 

तीसरा सवालः जनसमस्याओं के प्रति आपके विधायक कितन सजग हैं? आपने कोई समस्या बताई तो उसका समाधान होता है या नहीं? एक से दस तक रैंक कीजिए।

कपिल देव अग्रवाल (मुजफ्फरनगर) – 5

प्रमोद उंटवाल (पुरकाजी)- 4

विजय कश्यप (चरथावल)- 4

उमेश मलिक (बुढ़ाना) – 3

अवतार भड़ाना (मीरापुर)- 3

विक्रम सैनी (खतौली)- 4

सुरेश राणा (थानभवन) –6

तेजेंद्र निर्वाल (शामली)- 4

नाहिद हसन (कैराना)- 4

(इस श्रेणी में सभी विधायकों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कुछ चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। इनका खुलासा हम आने वाली किश्तों में करेंगे।)
खेद का विषय यह है कि किसी भी विधायक ने अपने एक साल के कामकाज का लेखाजोखा हमें उपलब्ध नहीं कराया। बाद में फिर ये लोग आलोचना करेंगे कि हमने पक्षपात किया। आगे भी इस सर्वे के अन्य बिंदुओं का खुलासा आपके लिए किया जाता रहेगा। यह सिलसिला मई माह तक चलेगा।

feedback- newswave.in@gmail.com

Tuesday, 20 March 2018

मुजफ्फरनगर : सैक्स रैकेट चलाने में भाजपा नेता पकड़ा


मुजफ्फरनगरः मुजफ्फरनगर की गांधी कालोनी में एक भाजपा नेता के सैक्स रैकेट चलाने की खबर मिली है। बताया जाता है कि सेक्स रैकेट में पकड़ी गई लड़की ने यह जानकारी दी है। इस भाजपा नेता को वेश्यावृति कराने के आरोप में नई मंडी पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले ही गांधी कालोनी में पकड़े गए सेक्स रैकेट से भाजपा नेता के तार जुड़े हैं। पकड़ी गई युवती से आरोपी भाजपा नेता वेश्यावृत्ति कराता था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नई मंडी पुलिस टीम ने सोमवार को भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गांधी कालोनी में गली नंबर 16 के एक मकान पर छापा मार कर सेक्स रैकेट पकड़ा गया था जो गोयल कोचिंग सेंटर की आड़ में चल रहा था।
गिरफ्तार भाजपा नेता। 

Friday, 3 November 2017

UP: मंत्री ने महंगी कार के लिए Yogi सरकार की इज्जत दांव पर लगाई

लखनऊः यूपी की भाजपा सरकार में कई मंत्रियों को लेकर शक संदेह की स्थिति बनी हुई है। एक गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में सीएम योगी को मिली जानकारी के अनुसार कई मंत्रियों ने निजी लाभ के लिए सरकार की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाने का काम किया है। 

सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर बेहद जागरूक है और हर हाल में चाहती है कि जनता के बीच संदेश जाए कि योगी सरकार किसान हितैषी है लेकिन कुछ लोग ऐसा नहीं होने देना चाहते। योगी सरकार ने कार्यभार संभालते ही किसानों का गन्ना भुगतान कराने के लिए चीनी मालिकों पर दबाव बनाना शुरू किया था। कई मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी शुरू की थी लेकिन बताया जाता है कि यूपी सरकार के एक मंत्री ने सब गुड़ गोबर कर दिया। शुगर मिल लॉबी ने इस मंत्री को इस तरह से पटाया कि योगी सरकार की इमेज धरी की धरी रह गई। बताया जाता है कि एक बड़े शुगर मिल ग्रुप ने इस मंत्री को तीन करोड़ रुपये की जगुआर गाड़ी भी भेंट की। इस मंत्री ने इस गाड़ी को कई दिन चलाया भी लेकिन जब बात योगी जी तक पहुंची तो इस गाड़ी को वापस लौटा दिया। कट्टर हिंदूवादी छवि के लिए मशहूर इस मंत्री को महंगी गाड़ियों का शौकीन भी बताया जाता है। जानकारी मिली है कि इस मंत्री के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी गोपनीय जांच कराई जा रही है और बहुत संभव है कि उन्हें जल्द ही मंत्री पद भी खोना पड़ जाए। गौरतलब है कि मोदी सरकार की तरह योगी सरकार भी दागियों को सजा देने की नीति पर चल पड़ी है। मोदी सरकार ने भी हाल ही में अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाले मंत्रियों राजीव प्रताप रुड़ी, उमा भारती व संजीव बालियान आदि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। देखना है योगी सरकार कैसे अपने छवि को बचा पाती है?