मुजफ्फरनगरः चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें ये कहा जाता रहा है कि वे सदर विधानसभा सीट से भाजपा से टिकट ट्राई कर रहे हैं। पंकज ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में लिखा है-
"मैं इसे शोहरत कहूँ या अपनी रुसवाई कहूँ
मुझ से पहले उस गली में मेरे अफ़साने गए"
पिछले 2-3 महीने से एक अफवाह मेरे बारे में उड़ाई जा रही है की मैं कांग्रेस छोड़कर किसी अन्य पार्टी से MLA का टिकट ले रहा हूँ| मुझसे बहुत लोग इसकी सत्यता के बारे में रोज पूछते हैं और मैं उन्हें बता देता हूँ की इसमें कोई सच्चाई नहीं है| लेकिन यह अफवाह ख़तम होने का नाम नहीं ले रही| मैं नहीं जानता की इसके पीछे कौन है पर इससे पता चलता है की लोग मुझे प्यार कर रहे हैं।इसीलिए मेरा नाम बार बार लेते हैं| मैं अपने कार्य के प्रति ईमानदार व सच्चा नागरिक हूँ और रहूँगा....पद पर रहते हुए भी और बाद में भी।
"मैं इसे शोहरत कहूँ या अपनी रुसवाई कहूँ
मुझ से पहले उस गली में मेरे अफ़साने गए"
पिछले 2-3 महीने से एक अफवाह मेरे बारे में उड़ाई जा रही है की मैं कांग्रेस छोड़कर किसी अन्य पार्टी से MLA का टिकट ले रहा हूँ| मुझसे बहुत लोग इसकी सत्यता के बारे में रोज पूछते हैं और मैं उन्हें बता देता हूँ की इसमें कोई सच्चाई नहीं है| लेकिन यह अफवाह ख़तम होने का नाम नहीं ले रही| मैं नहीं जानता की इसके पीछे कौन है पर इससे पता चलता है की लोग मुझे प्यार कर रहे हैं।इसीलिए मेरा नाम बार बार लेते हैं| मैं अपने कार्य के प्रति ईमानदार व सच्चा नागरिक हूँ और रहूँगा....पद पर रहते हुए भी और बाद में भी।
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| शहर में एक कार्य का शुभारंभ करते पंकज अग्रवाल व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोमांश प्रकाश। |
बता दें, पंकज अग्रवाल मुजफ्फरनगर के सबसे कामयाब पालिकाध्यक्षों में से एक गिने जाने लगे हैं। कहा जा रहा है कि जितना विकास उनके समय में हुआ है उतना स्व. विद्याभूषण के समय में भी नहीं हुआ था। शहर में तमाम सड़कें नई बन गई हैं। कई जगहों पर सौंदर्यकरण हुआ है। गलियां तक नई बन गई हैं। हालांकि इसका दूसरा पहलू ये भी है कि पिछली योजना में सभी मदों में पैसा खूब आ रहा है और इसका असर भी दिख रहा है। बहरहाल हालात कुछ भी लेकिन पंकज का काम तो दिख रहा है। ऐसे में बार-बार ये बात सामने आती ही रहती है कि वे विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था और बुरी तरह हारे थे। फिर भी उनका नाम चलने की सबसे प्रमुख वजह है सदर सीट से वर्तमान भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल का खराब प्रदर्शन। कपिल देव अग्रवाल उपचुनाव में जीते हैं और विकास कार्य कराने में बुरी तरह विफल रहे हैं। वे इस समय केवल केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद संजीव बालियान के भक्त के रूप में ही जाने जाते हैं।
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| संजीव बालियान व डीएम के साथ एक बैठक में भाग लेते कपिल देव। |
हाल ही में कपिल को एक स्टिंग आपरेशन में काफी बदनामी झेलनी पड़ी थी। इसकी वजह से संजीव बालियान को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने ही कपिल का टिकट कराया था। हाल ही में कपिल देव ने जिलाधिकारी से मिलकर ये भी मांग की थी कि शहर में एटूजेड कालोनी से लेकर नेशनल हाईवे तक की रोड को बनाया जाए। ये सड़क तीन साल पहले ही बनी है और बहुत ही अच्छी हालत में है। इसके बावजूद कपिल देव केवल इसलिए इसे बनवाने के लिए लगे हुए हैं क्योंकि एटूजेड कालोनी के साथ संजीव बालियान व उनके कुछ सहयोगी बिल्डरों के भी हित जुड़े हैं। इसकी वजह से भाजपा की काफी बदनामी हो रही है और पार्टी किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो निष्पक्ष हो और अच्छी छवि का हो। ऐसे में पंकज को टिकट मिल जाए तो ज्यादा आश्चर्य नहीं होना चाहिए।



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